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Independence Day Full Dress Rehearsal: 13 अगस्त को लाल किले पर होगी फुल ड्रेस रिहर्सल, जानें क्या होता है खास और क्यों है यह जरूरी

नई दिल्ली: 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से आयोजित होने वाले भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। ...


नई दिल्ली: 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से आयोजित होने वाले भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। मुख्य समारोह से ठीक दो दिन पहले, यानी 13 अगस्त को लाल किले पर 'फुल ड्रेस रिहर्सल' का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण अभ्यास के चलते पुरानी दिल्ली और लाल किले के आसपास के कई प्रमुख हिस्सों में सुबह से ही सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और कई मार्ग सामान्य वाहनों के लिए बंद किए गए हैं। लेकिन आखिर यह फुल ड्रेस रिहर्सल क्या होती है, इसमें क्या-क्या किया जाता है और 15 अगस्त से पहले इसे आयोजित करने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? आइए विस्तार से समझते हैं।

🎖️ क्या होती है फुल ड्रेस रिहर्सल? जानिए इसका मुख्य उद्देश्य

आसान शब्दों में कहें तो फुल ड्रेस रिहर्सल मुख्य समारोह से पहले किया जाने वाला एक संपूर्ण और यथार्थवादी अभ्यास है:

  • समारोह का पूर्वाभ्यास: इसमें कार्यक्रम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि, प्रोटोकॉल और व्यवस्था को ठीक उसी समय और रूप में परखा जाता है, जैसे उन्हें 15 अगस्त के मुख्य समारोह के दिन निष्पादित किया जाना है।

  • व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन परीक्षण: यह केवल मंच पर होने वाले सांस्कृतिक या औपचारिक कार्यक्रम का अभ्यास नहीं होता। इसके अंतर्गत सुरक्षा इंतजाम, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच अंतर-विभागीय समन्वय, अतिथियों की आवाजाही, पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सभी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया जाता है।

  • त्रुटियों को दूर करना: इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि मुख्य समारोह वाले दिन सुरक्षा या व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोई खामी या अव्यवस्था न उत्पन्न हो।

🏛️ लाल किले पर क्यों होती है यह खास तैयारी?

लाल किले पर आयोजित होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह भारत का सबसे बड़ा और गरिमामय राष्ट्रीय पर्व होता है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होती हैं:

  • राष्ट्रीय महत्व: 15 अगस्त के दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

  • वीवीआईपी की मौजूदगी: समारोह में केंद्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिक, सैन्य अधिकारी और हजारों विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहते हैं।

  • जीरो-टॉलरेंस सुरक्षा: इतने बड़े आयोजन में एक छोटी-सी चूक भी बड़े सुरक्षा संकट का कारण बन सकती है। इसलिए जमीन पर पूरी व्यवस्था को एक बार पहले ही परख लिया जाता है, ताकि रिहर्सल के दौरान अगर कोई कमी सामने आए, तो उसे 15 अगस्त से पहले दुरुस्त किया जा सके।

💂‍♂️ जानिए रिहर्सल के दौरान लाल किले पर क्या-क्या दोहराया जाता है?

फुल ड्रेस रिहर्सल में स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े सभी तय औपचारिक और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है:

  • सैन्य परेड और मार्च पास्ट: तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) और दिल्ली पुलिस के जवानों का मार्च पास्ट, ध्वजारोहण और बैंड की धुन का अभ्यास।

  • सुरक्षा बलों की तैनाती: सुरक्षा बलों की तैनाती, त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा और विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की समीक्षा।

  • वीवीआईपी मिनट-टू-मिनट प्रोटोकॉल: प्रधानमंत्री के आगमन से लेकर ध्वजारोहण और प्रस्थान तक के पूरे कार्यक्रम को तय समय-सारणी (Minute-to-Minute Protocol) के अनुसार परखा जाता है।

🚗 समारोह के साथ-साथ दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम की भी कड़ी परीक्षा

फुल ड्रेस रिहर्सल का सीधा प्रभाव पुरानी दिल्ली और लाल किले से सटे मार्गों पर पड़ता है:

  • वाहनों की आवाजाही पर रोक: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 13 अगस्त की रिहर्सल के लिए व्यापक यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। लाल किले के आसपास सुबह 4 बजे से सुबह 10 बजे तक कई मुख्य रास्तों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

  • वैकल्पिक मार्गों की सलाह: नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, एसपी मुखर्जी मार्ग और चांदनी चौक रोड जैसे प्रमुख हिस्सों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को इन प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों (जैसे रिंग रोड, आउटर रिंग रोड) का उपयोग करने की सलाह दी है।







 

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