नई दिल्ली: दिल्ली की विभिन्न झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। डूसिब (संशोधन) विधेयक-202...
नई दिल्ली: दिल्ली की विभिन्न झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। डूसिब (संशोधन) विधेयक-2026 (DUSIB Amendment Bill 2026) विधानसभा में पारित होने के साथ ही झुग्गीवासियों के पुनर्वास और पक्के मकान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस कानूनी संशोधन का सीधा लाभ केवल उन झुग्गीवासियों को मिलेगा, जिनकी झुग्गियां 1 जनवरी 2025 से पहले बनी हुई हैं। उन्होंने घोषणा की कि पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए दिल्ली सरकार बहुत जल्द एक विस्तृत और पारदर्शी सर्वे (Survey) शुरू करने जा रही है।
📋 कट-ऑफ तारीख 2006 से बढ़ाकर की गई 2025: 'जहाँ झुग्गी, वहीं मकान' नीति के तहत मिलेंगे घर
योजना के मुख्य प्रावधान और मंत्री आशीष सूद के प्रमुख वक्तव्य:
कट-ऑफ डेट में बड़ा बदलाव: मंत्री सूद ने बताया कि संशोधन के माध्यम से झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों की पहचान के लिए निर्धारित पुरानी कट-ऑफ तारीख को वर्ष 2006 से बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया गया है। इन सभी पात्र परिवारों को दिल्ली सरकार की ओर से पक्का मकान दिया जाएगा।
पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना: मंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने कार्यकाल में 'जहाँ झुग्गी, वहाँ मकान' के केवल लुभावने चुनावी वादे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर एक भी जरूरतमंद को मकान आवंटित नहीं किया गया।
इन-सीटू पुनर्वास: अब दिल्ली सरकार DUSIB के साथ मिलकर झुग्गीवासियों को उनकी मौजूदा बस्ती के पास ही आधुनिक और सुरक्षित पक्के मकान बनाकर उपलब्ध कराएगी।
📊 जमीनी स्तर पर लागू करने की राह में चुनौतियां: 2014-15 के बाद पहली बार होगा नया सर्वे
विधेयक के पारित होने के बाद क्रियान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक स्थिति:
पुराने आंकड़ों की समस्या: दिल्ली में झुग्गियों का आखिरी आधिकारिक सर्वे वर्ष 2014-15 में आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 3.5 लाख झुग्गियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद का कोई अद्यतन (Updated) डेटा उपलब्ध नहीं है।
पहला कदम - नया सर्वे: योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए दिल्ली सरकार सबसे पहले पूरी राजधानी में एक नया और आधुनिक सर्वे कराएगी। इसके माध्यम से झुग्गियों की वास्तविक संख्या और पात्र परिवारों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर ही विस्तृत पुनर्वास योजना का खाका खींचा जाएगा।
🏛️ 'आम आदमी पार्टी का दीमक साफ कर रही है वर्तमान सरकार': सीएजी रिपोर्ट पर बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
सदन में सीएजी (CAG) रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए:
19 CAG रिपोर्ट्स पेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में 19 सीएजी रिपोर्ट्स विधानसभा के पटल पर रखी हैं, जबकि पिछली सरकार के दौरान सीएजी रिपोर्ट्स को दबाया जाता था और पीएसी (PAC) की बैठकें भी आयोजित नहीं होती थीं।
घोटालों का आरोप: सीएजी रिपोर्ट्स के हवाले से सीएम ने दावा किया कि पिछली सरकार में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सब्सिडी और दिल्ली जल बोर्ड सहित कई प्रमुख विभागों की योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि आप सरकार अपना आवंटित बजट भी पूरा खर्च नहीं कर पाती थी और केंद्र से मिलने वाली विकास सहायता राशि वापस लौट जाती थी।
🇮🇳 दिल्ली विधानसभा परिसर में निकली भव्य 'तिरंगा यात्रा': विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हुए शामिल
विधानसभा की कार्यवाही के बीच देशभक्ति का संदेश:
तिरंगा यात्रा का आयोजन: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में आयोजित भव्य 'तिरंगा यात्रा' में भाग लिया। यह यात्रा महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर संपन्न हुई।
लोकतंत्र और एकता का प्रतीक: विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि "तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत धड़कन है।" वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "तिरंगा हमारी सभ्यता के गौरव, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और 140 करोड़ देशवासियों की राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।"

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