गाजियाबाद: जिले के पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित 'प्राईड इंटरप्राइजेज' नामक फैक्टरी में बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे अचानक भीषण आग...
गाजियाबाद: जिले के पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित 'प्राईड इंटरप्राइजेज' नामक फैक्टरी में बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस फैक्टरी में मुख्य रूप से झाड़ू और उनके प्लास्टिक कवर (पाउच) बनाने का काम होता है।
हादसे के वक्त फैक्टरी के भीतर केवल सुरक्षाकर्मी ही मौजूद थे। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे फैक्टरी के प्रथम तल पर बना टीन शेड ध्वस्त हो गया और वहां रखा लाखों रुपये का कच्चा माल जलकर राख हो गया।
🚒 फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं: टीन शेड गिरकर नीचे आया, मशीने भी आईं चपेट में
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम हरकत में आई:
तत्काल कार्रवाई: मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि फायर स्टेशन कोतवाली को सुबह 8 बजे पांडव नगर में आग लगने की सूचना मिली थी।
मौके पर पहुंचे वाटर टेंडर: सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में वाटर ब्राउजर और वाटर टेंडर सहित कई गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना की गईं।
क्षति का जायजा: टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि प्रथम तल पर स्थित टीन शेड आग की लपटों से क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर चुका था। आग पाउचिंग मशीनरी और झाड़ू के भारी मात्रा में रखे कवर में पूरी तरह फैल चुकी थी।
🛡️ दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा: आसपास की अन्य फैक्टरियों को सुरक्षित बचाया
फायर सर्विस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग को फैलने से रोका:
घेराबंदी कर बुझाई आग: फायर सर्विस यूनिट ने तुरंत हौज पाइप लाइन बिछाकर आग को प्रथम तल पर ही चारों तरफ से घेर लिया, जिससे आग को भूतल और आसपास की अन्य इमारतों में फैलने से पहले ही पूरी तरह से शांत कर दिया गया।
अन्य फैक्ट्रियां सुरक्षित: दमकल दल की मुस्तैदी के चलते इंडस्ट्रियल एरिया की आसपास की कई अन्य फैक्टरियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
👤 फैक्टरी मालिक मौके पर रहे मौजूद: आर्थिक नुकसान का लगाया जा रहा है आकलन
हादसे के बाद स्थिति नियंत्रण में ली गई:
मालिक का बयान: घटना के दौरान फैक्टरी मालिक प्रशांत अग्रवाल (पुत्र रामकिशन गुप्ता) मौके पर ही मौजूद थे।
नुकसान का आकलन: गनीमत यह रही कि सुबह का समय होने के कारण फैक्टरी में श्रमिक मौजूद नहीं थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग में मशीनों और कच्चे माल का काफी बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसका विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

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