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Independence Day 2026: 25 हजार वोल्ट के OHE तारों के पास पतंगबाजी जानलेवा, दिल्ली मेट्रो ने तैनात की स्पेशल टीमें

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग पतंगें उड़ात...


नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग पतंगें उड़ाते हैं। 15 अगस्त को पतंगबाजी करना दिल्ली-एनसीआर की एक बेहद लोकप्रिय और सालों पुरानी परंपरा मानी जाती है।

हालांकि, स्वतंत्रता दिवस के आसपास जब पतंगबाजी जोर पकड़ती है, तो एलिवेटेड मेट्रो लाइनों (Elevated Metro Lines) के पास पतंग की डोर के ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तारों से उलझने या चलती ट्रेन के पैंटोग्राफ (OHE से बिजली लेने वाला उपकरण) में फंसने की आशंका बनी रहती है।

⚠️ जानलेवा साबित हो सकता है मांझा: मेट्रो सेवाएं बाधित होने का खतरा, DMRC ने मांगी जनता से मदद

इस तरह की घटनाओं के खतरों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने जनता के लिए जरूरी चेतावनी जारी की है:

  • सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित: पतंग की डोर तारों में फंसने से न केवल दिल्ली मेट्रो की ट्रेन सेवाएं अचानक ठप हो सकती हैं, बल्कि चाइनीज या धात्विक (Metallic) मांझा लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है।

  • जनता से सहयोग की अपील: ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और निर्बाध संचालन के लिए DMRC ने आम जनता से सहयोग मांगा है ताकि मेट्रो का सफर सभी के लिए सुरक्षित रहे।

⚡ मेट्रो लाइनों से दूर खुली जगहों पर उड़ाएं पतंगें: 25,000 वोल्ट की हाई-टेंशन लाइनों से दूर रहने की हिदायत

डीएमआरसी ने रिहायशी इलाकों से गुजरने वाले मेट्रो रूट को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं:

  • करंट लगने का खतरा: DMRC ने अपील की है कि लोग एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाएं। 25,000 वोल्ट क्षमता वाले ओवरहेड इक्विपमेंट के सीधे या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से जान का भारी जोखिम रहता है।

  • तकनीकी खराबी की आशंका: पतंग का मांझा फंसने से ओवरहेड इक्विपमेंट ट्रिप (Trip) हो सकता है या ट्रेन के पैंटोग्राफ को नुकसान पहुंच सकता है।

  • सुरक्षित विकल्प: नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सभी मेट्रो लाइनों से दूर खुले मैदानों और सुरक्षित स्थानों पर ही पतंगबाजी का आनंद लें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और मेट्रो परिचालन में कोई बाधा न आए।

🛡️ DMRC ने तैनात की विशेष निगरानी टीमें: स्टेशन स्टाफ और ट्रेन ऑपरेटरों को अलर्ट रहने के निर्देश

संभावित रुकावटों से निपटने के लिए दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है:

  • त्वरित कार्रवाई टीम: पतंगबाजी से होने वाले हादसों और ट्रिपिंग की घटनाओं को रोकने के लिए DMRC ने विशेष गश्ती टीमें तैनात की हैं। ये टीमें तारों में पतंग या मांझा दिखते ही उसे तुरंत हटाने का काम करेंगी।

  • स्टाफ अलर्ट: इन दिनों ट्रेन ऑपरेटरों (Train Operators) और स्टेशन स्टाफ को ट्रैक व ओएचई लाइनों पर पतंग की डोर दिखने पर तुरंत एक्शन लेने और सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

🚆 दिल्ली-एनसीआर में 416 किलोमीटर का विशाल नेटवर्क: रोजाना लाखों यात्री करते हैं सफर

दिल्ली मेट्रो का परिचालन क्षेत्र काफी व्यापक है:

  • नेटवर्क का दायरा: वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का लगभग 416 किलोमीटर लंबा विशाल नेटवर्क फैला हुआ है।

  • विद्युत आपूर्ति: इस पूरे नेटवर्क में रोजाना लाखों यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने वाली ट्रेनों को चलाने के लिए 25,000 वोल्ट क्षमता वाले ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तार बिछाए गए हैं, जिनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।







 

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