देश में सोने की घटती मांग के बीच ज्वैलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों ने बड़ी चिंता जताई है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) क...
देश में सोने की घटती मांग के बीच ज्वैलरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों और संगठनों ने बड़ी चिंता जताई है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने देश में सोने के कारोबार पर मंडरा रहे संकट को लेकर तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है. यह पत्र पीएम मोदी की ओर से पूर्व में सोने की खरीदारी न करने की अपील के बाद आभूषण व्यापार में पैदा हुई भारी उथल-पुथल को देखते हुए लिखा गया है.
💰 2. छोटे कारीगरों और स्वर्ण व्यवसायियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग, घट सकती है सोने की खपत
CTI ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो भारत में सोने की वार्षिक खपत 800 टन से घटकर 500 टन पर आ सकती है. संगठन की ओर से प्रधानमंत्री के सामने रखी गई प्रमुख मांगों में छोटे कारीगरों, सुनारों और स्वर्ण व्यवसायियों के लिए ₹10,000 करोड़ के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा शामिल है. साथ ही, सीटीआई ने सोना कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीएम मोदी से मिलकर अपनी समस्याओं को सीधे साझा करने के लिए समय भी मांगा है.
🛍️ 3. शादियों के सीजन के दौरान मांग घटने से बाजार पर पड़ा सीधा असर, सरकार से राहत देने की गुहार
ज्वैलरी इंडस्ट्री को भारी नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की अपील करते हुए CTI ने कहा है कि इस संकट के दौर में छोटे पैमाने पर काम करने वाले सुनारों के रोजगार की सुरक्षा तय की जानी चाहिए. जानकारों का मानना है कि इस तरह के नीतिगत बयानों और अपीलों का सीधा असर बाजार की गतिविधियों पर पड़ता है, जिसके चलते व्यापारियों ने सरकार से राहत और सहयोग की गुहार लगाई है.

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