दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी कंपनी पर लगाया गया वित्तीय जुर्माना तो माफ कर दिया है, लेकिन उसकी जग...
दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी कंपनी पर लगाया गया वित्तीय जुर्माना तो माफ कर दिया है, लेकिन उसकी जगह एक बेहद अनोखा और दिलचस्प दंड सुनाया है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कंपनी को दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सभी कर्मचारियों को चाय और समोसा खिलाना होगा. अदालत के निर्देशानुसार कंपनी को इस अनोखे दंड का पालन महज एक हफ्ते के भीतर करना होगा. यह पूरा मामला इंडस बिर्रा बेवरेजेज कंपनी से जुड़ा हुआ है, जिस पर निचली अदालत ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था.
⚖️ 2. अदालत को गुमराह करने और अलग-अलग बयान देने का मामला, न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ में हुई सुनवाई
इस पूरे प्रकरण की सुनवाई न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ के समक्ष हुई. जानकारी के मुताबिक, इंडस बिर्रा बेवरेजेज कंपनी के खिलाफ विभिन्न अदालतों में चेक बाउंस के कई मामले चल रहे थे. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह पाया कि कंपनी ने सत्र अदालत के आदेश को छुपाया था और अलग-अलग अदालतों के सामने अलग-अलग बयान दिए थे. केवल इतना ही नहीं, अपने पक्ष में अनुकूल आदेश हासिल करने के लिए कंपनी ने अदालत को गुमराह करने का भी प्रयास किया था, जिसके चलते 20 अगस्त को उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
📜 3. माफी की गुहार पर हाईकोर्ट ने बदला जुर्माना, कंपनी को एक हफ्ते के भीतर आदेश का पालन करने की हिदायत
लोअर कोर्ट के आदेश के बाद कंपनी ने जुर्माना माफ कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की थी, जिसमें अपनी आर्थिक और अन्य परिस्थितियों का हवाला दिया गया था. अदालत ने कंपनी की दलील पर विचार करते हुए वित्तीय जुर्माना तो हटा दिया, लेकिन अदालत को गुमराह करने के लिए उसे यह अनोखा दंड दे दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंपनी को एक सप्ताह के भीतर बार एसोसिएशन के सभी स्टाफ सदस्यों को चाय-समोसे का यह ट्रीट देना होगा, ताकि इस तरह के मामलों में एक संदेश जाए.

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