नोएडा/ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक में ताइवान सिटी और विशाल मेडिकल हब विकसित करने की योजना...
नोएडा/ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक में ताइवान सिटी और विशाल मेडिकल हब विकसित करने की योजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। यीडा के सेक्टर-6 में 300 एकड़ भूमि ताइवान आधारित कंपनियों के लिए और सेक्टर-13 व 14 में 500 एकड़ भूमि मेडिकल सेक्टर की कंपनियों के लिए आरक्षित की जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में ताइवान की अग्रणी भूमिका को देखते हुए इस परियोजना से यीडा क्षेत्र में व्यापक औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
💊 यमुना सिटी बनेगी दवा कारोबार का बड़ा केंद्र: सेक्टर-6 में 125 एकड़ में बनेगा फार्मास्युटिकल क्लस्टर
दवा निर्माण और वैश्विक मानकों की स्थापना:
भूमि आवंटन: उत्तर प्रदेश को अग्रणी फार्मा हब बनाने के लिए सेक्टर-6 में 100 से 125 एकड़ भूमि फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए तय की गई है।
उत्पादन इकाइयां: इस क्लस्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जीएमपी (GMP) मानकों के अनुरूप टैबलेट, कैप्सूल, सिरप, इंजेक्शन, क्रीम, लोशन और मलहम जैसी औषधियों के निर्माण की इकाइयां स्थापित होंगी।
वैश्विक निवेश: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी दवा कंपनियों को प्लॉट आवंटित किए जाएंगे, जिससे राज्य को ग्लोबल फार्मा सप्लाई चैन में पहचान मिलेगी।
🧪 मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग सुविधा: विदेश पर निर्भरता होगी खत्म
परीक्षण सुविधाएं और तकनीकी विशेषज्ञ समिति:
"यीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में एफडीए (FDA) मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित होगी। इसके तकनीकी व वित्तीय मूल्यांकन के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया है। अब भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को प्रोडक्ट्स के परीक्षण के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। इस लैब में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कंपैटिबिलिटी, मैकेनिकल परफॉर्मेंस और स्टेरलाइजेशन टेस्टिंग की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।"
🏫 सेक्टर-34 में बनेगी आधुनिक मंडी, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी पार्क और 50 एकड़ में इंटरनेशनल स्टेडियम
अन्य प्रमुख विकास परियोजनाएं:
आधुनिक मंडी: सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर नोएडा फेज-1 की फूल मंडी की तर्ज पर आधुनिक मंडी विकसित की जाएगी।
यूनिवर्सिटी पार्क: सेक्टर-14 में 480 एकड़ में विशाल यूनिवर्सिटी पार्क बनेगा, जहां देश-विदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों को परिसरों की स्थापना के लिए भूमि दी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम: खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-23डी में 50 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनेगा।
🚌 इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर होगी 500: जेवर के सेक्टर-23सी में बनेगा इंटरस्टेट बस अड्डा
सार्वजनिक परिवहन का विस्तार:
ई-बसें: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को ध्यान में रखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने के निर्देश दिए गए हैं।
ISBT निर्माण: यीडा के सेक्टर-23सी में नए अंतर्राज्यीय बस अड्डे (ISBT) के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
🏥 विश्व बैंक से 3,000 करोड़ की सहायता लेने पर विचार: मेडिकल हब के लिए बनेगी डीपीआर
वित्तीय संसाधन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी:
वर्ल्ड बैंक फंड: मेडिकल हब में क्लिनिकल रिसर्च, बायोटेक सेंटर और डिजिटल हेल्थ हब के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के माध्यम से विश्व बैंक (IBRD) से 3,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त करने पर विचार किया गया है।
करबन नदी पर कलवर्ट: आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर करबन नदी के ऊपर माइनर ब्रिज बनाने को मंजूरी मिली है, जिससे बारिश में जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण पर खर्च: यीडा ने भूमि खरीद पर सबसे अधिक खर्च किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक खर्च हुए कुल 3,690.64 करोड़ रुपये में से 1,385 करोड़ रुपये अकेले भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए गए।

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