अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ लाते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापार, कारोबारी लेनदेन और वित्तीय गत...
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ लाते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापार, कारोबारी लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों को अगले आदेश तक रोक दिया है। यूएई का यह सख्त फैसला ईरान से जुड़े एक नए और गंभीर मिसाइल विवाद के सामने आने के बाद लिया गया है। इस घटना से हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच पटरी पर लौट रहे कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को गहरा झटका लगा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया था, जो यूएई के हवाई क्षेत्र और क्षेत्रीय जल की तरफ बढ़ रही थीं।
🚀 यूएई के क्षेत्रीय जल में गिरीं मिसाइलें, ईरान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
यूएई के अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह सामने आया है कि दोनों मिसाइलें मुख्य रूप से समुद्री जहाजों को निशाना बनाने के लिए दागी गई थीं। इनमें से एक मिसाइल यूएई के क्षेत्रीय जल से बाहर खुले समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी ने यूएई के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में प्रवेश किया। गनीमत यह रही कि इस घटना में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूएई के दावों को निराधार बताते हुए क्षेत्रीय देशों से संयम बरतने की अपील की है।
📉 पटरी पर लौट रहे रिश्तों पर लगा ब्रेक, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और गहराया
मिसाइल घटना के तुरंत बाद यूएई के विदेश मंत्रालय ने आर्थिक प्रतिबंधों का यह बड़ा ऐलान किया। मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापारिक उड़ानें शुरू हुई थीं और दुबई में ईरानी नागरिकों की वापसी जैसे सकारात्मक कदम उठाए गए थे, लेकिन इस घटना ने सब कुछ बदल दिया है। इस तनाव का सीधा असर दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल मार्गों में से एक 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) पर भी पड़ रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

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