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Vande Mataram Controversy: राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज, एफआईआर की मांग

नई दिल्ली: 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत विवाद को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही ...


नई दिल्ली: 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत विवाद को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' गायन में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।

मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने कहा कि वर्तमान में 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के समकक्ष दर्जा प्राप्त है। इसलिए राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा कानून सोनिया गांधी सहित हर नागरिक पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी एक बेहद वरिष्ठ नेता हैं और उनके सार्वजनिक आचरण का प्रभाव देश के करोड़ों लोगों पर पड़ता है। यदि सार्वजनिक मंच से राष्ट्रगीत का इस प्रकार विरोध या अनादर होता है, तो देश इसे स्वीकार नहीं करेगा।

🇮🇳 बीजेपी का गंभीर आरोप: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के प्रति दिखाया घोर अनादर

भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे पर कांग्रेस पर लगातार हमलावर है और राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगा रही है:

  • बीजेपी का दावा: शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसके प्रति घोर अनादर प्रदर्शित किया।

  • विवाद की वजह: बीजेपी का आरोप है कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के गायन को बीच में ही रोकने की कोशिश की गई, जो राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान के समान है।

🛡️ कांग्रेस का स्पष्टीकरण: आरोप पूरी तरह निराधार, केवल कुर्सी मांगी जा रही थी

कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है:

"कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने की कोई भी कोशिश नहीं की गई थी। समारोह के दौरान सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने का आग्रह कर रही थीं, क्योंकि खरगे जी काफी समय से लगातार खड़े थे। बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।"







 

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