यमुना सिटी: यमुना सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर एक आकर्षक प्रवेश द्वार (Entry Gate) ब...
यमुना सिटी: यमुना सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर एक आकर्षक प्रवेश द्वार (Entry Gate) बनाने की योजना तैयार की गई है।
यह भव्य प्रवेश द्वार यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर 60 मीटर चौड़ी सड़क पर सात किलोमीटर माइलस्टोन पर बनाया जाएगा। प्रवेश द्वार को भव्य और दर्शनीय बनाने के लिए यहां फव्वारे, परगोला और आकर्षक लैंडस्केपिंग सहित कई सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा - YEIDA) के अनुसार, शहर में प्रवेश करते ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आगंतुकों को आधुनिक व सुनियोजित विकास की झलक दिखाई देगी। प्रवेश द्वार का निर्माण 60 मीटर रोड पर गलगोटिया विश्वविद्यालय से पहले, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज के समीप किया जाएगा। इसके लिए अगले सप्ताह तक 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP) जारी की जाएगी।
🌳 दनकौर के पास बनेगा 500 मीटर लंबा ग्रीन पार्क: 35 किमी बेल्ट में विकसित होंगे वॉटर बॉडीज और मिनिएचर
पर्यावरण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए यीडा ने एक और महत्वपूर्ण परियोजना तैयार की है:
ग्रीन पार्क योजना: दनकौर के पास यमुना एक्सप्रेसवे की 100 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में 500 मीटर लंबा भव्य ग्रीन पार्क विकसित किया जाएगा।
लैंडस्केपिंग व धार्मिक मिनिएचर: यमुना एक्सप्रेसवे और 60 मीटर रोड के बीच स्थित 35 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पेड़-पौधे, लैंडस्केपिंग, वॉटर बॉडीज और प्रमुख धार्मिक स्थलों के मिनिएचर बनाए जाएंगे।
गलगोटिया पार्क का सिविल वर्क पूरा: गलगोटिया विश्वविद्यालय के सामने बन रहे पार्क का पक्का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब उद्यान से जुड़े पौधारोपण का कार्य प्रगति पर है।
"यमुना सिटी की विशिष्ट पहचान स्थापित करने के लिए 60 मीटर रोड के 7 किमी माइलस्टोन पर भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। जल्द ही इसकी आरएफपी जारी होगी। इसके अलावा दनकौर में ग्रीन पार्क निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम जारी है।"
🚜 10 फीसदी आबादी भूखंड और भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर आज ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का धरना
दूसरी ओर, जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है:
किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसान 10 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड और नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।
किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण अधिकारियों के साथ वार्ता विफल रहती है, तो अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा। वहीं, किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा किसानों व कार्यकर्ताओं के आवासों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

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