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Delhi Jantar Mantar Protest Today: ऑटो-टैक्सी वेलफेयर बोर्ड और फिटनेस फीस वापस लेने की मांग पर आंदोलन

नई दिल्ली: दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ की तरफ से जंतर-मंतर पर विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित इ...


नई दिल्ली: दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ की तरफ से जंतर-मंतर पर विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।

भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में ऑटो और टैक्सी चालकों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। ऑटो-टैक्सी वेलफेयर बोर्ड का गठन और परिवहन विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बिंदु है।

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सोनी ने चालकों से एकजुट होकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को तुरंत 'ऑटो-टैक्सी ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड' का गठन करना चाहिए और गाड़ियों की फिटनेस फीस में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेना चाहिए।

📜 ऑटो संघ की मुख्य मांगें: प्राइवेट बाइक टैक्सियों पर रोक और काम के घंटे तय करने की अपील

यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे हैं:

  • प्राइवेट बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध: कमर्शियल अनुमति के बिना चल रही प्राइवेट नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों पर तुरंत रोक लगाई जाए।

  • कार्य-अवधि और जवाबदेही: चालकों के लिए काम के घंटों की सीमा तय की जाए और दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (Delhi Transport Department) के अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित हो।

  • फिटनेस फीस में राहत: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा 20 साल से पुरानी गाड़ियों के फिटनेस टेस्ट फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए।

🚜 खनौरी बॉर्डर पर किसानों को पुलिस ने रोका: 'किसान बचाओ पदयात्रा' पर गतिरोध जारी

दूसरी ओर, दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने खनौरी अंतर-राज्यीय बॉर्डर पॉइंट पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया है:

"संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में 228 किलोमीटर लंबी 'किसान बचाओ पदयात्रा' दाता सिंह वाला गांव से दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना हुई थी। इसका समापन 29 अगस्त को दिल्ली में किसान पंचायत के साथ होना था। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर जारी इस मार्च पर हरियाणा सरकार के अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रही।"







 

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