नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर...
नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा व्यवस्था को संस्थागत (Institutionalize) बनाने की सख्त जरूरत पर जोर दिया है।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अदालत को NTA में किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी, जिसके तहत यह बताया गया कि एजेंसी अब अपनी खुद की समर्पित टेक टीम (Tech Team) तैयार कर रही है और पेपर्स के सटीक अनुवाद के लिए प्रोफेशनल्स व AI की मदद ली जा रही है।
🛡️ सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की दरकार: NTA में डायरेक्टर रैंक अधिकारी की होगी जरूरत
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य सुझाव और टिप्पणी:
सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर व साइबर सिक्योरिटी की सख्त जरूरत है।
विशेष टेस्टिंग सेंटर: लीक से बचने के लिए खास टेस्टिंग सेंटर्स और पेपर सील करने के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया जाए।
डायरेक्टर रैंक अधिकारी: सुरक्षा व्यवस्था और पूरे डेटाबेस की निगरानी के लिए NTA में एक डायरेक्टर रैंक (Director-Rank Officer) के अधिकारी की तैनाती जरूरी है।
मजबूत सिस्टम: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NTA को मैनपावर, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर पूरी तरह सक्षम बनाना ही मुख्य उद्देश्य है।
📜 राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर मांगा हलफनामा: केंद्र सरकार से प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
अदालत का केंद्र सरकार को आदेश:
"सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय शिक्षा सचिव को निर्देश दिया कि वे पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि इस समिति के आधार पर क्या प्रगति हुई है और नई व्यवस्था में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।"
💻 NIC की मदद से तैयार हो रही इन-हाउस टेक टीम: पेपर्स के अनुवाद के लिए AI मॉडल का होगा इस्तेमाल
NTA की नई कार्ययोजना:
खुद की टेक टीम: कोर्ट द्वारा NTA के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया कि एजेंसी, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की मदद से अपनी खुद की टेक टीम बना रही है।
स्वदेशी AI मॉडल: प्रश्न पत्रों के सटीक और गोपनीय अनुवाद के लिए प्रोफेशनल एक्सपर्ट्स की टीमों के साथ-साथ स्वदेशी AI मॉडल (In-house AI Tools) को भी शामिल किया जा रहा है।

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