रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, जिसके बदले में भाई उन्हें शगुन के तौर ...
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, जिसके बदले में भाई उन्हें शगुन के तौर पर गिफ्ट देते हैं। ये गिफ्ट लिफाफे में रखे कैश से लेकर सोने के गहने, शेयर या फिर किसी प्रॉपर्टी के रूप में भी हो सकते हैं। खुशी के इस मौके पर इनकम टैक्स विभाग भी खामोशी से अपनी नजर बनाए रखता है। बहन के हाथ में आने वाला गिफ्ट टैक्स के दायरे में आएगा या नहीं, ये पूरी तरह से इनकम टैक्स के नियमों पर निर्भर करता है।
👨👩👧 सगे भाई का गिफ्ट पूरी तरह होता है टैक्स फ्री
इनकम टैक्स अधिनियम के सेक्शन 56(2)(x) के तहत गिफ्ट पर टैक्स का नियम तय होता है।
नियम और छूट: इस नियम के मुताबिक अगर आपको किसी ऐसे व्यक्ति से गिफ्ट मिलता है जो रिश्तेदार (Relative) की श्रेणी में नहीं आता, तो एक वित्त वर्ष में 50 हजार रुपये से ज्यादा का गिफ्ट पूरी तरह टैक्सेबल होगा।
रिश्तेदार की परिभाषा: लेकिन अगर गिफ्ट किसी तय ‘रिश्तेदार’ से मिला है, तो उस पर कोई लिमिट नहीं है। बहन के लिए सगा भाई इसी रिश्तेदार की लिस्ट में आता है।
अगर सगा भाई अपनी बहन को एक लाख रुपये कैश के साथ दो लाख रुपये की सोने की चेन भी दे, तो बहन को एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा।
⚠️ चचेरे भाई से मिले गिफ्ट पर लगता है टैक्स का पेंच
ज्यादातर परिवार इस नियम को लेकर गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं।
चचेरा भाई (Cousin): इनकम टैक्स के सेक्शन 56(2)(x) में सगे भाई को तो रिश्तेदार माना गया है, लेकिन चचेरे भाई को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।
अगर कोई बहन अपने चचेरे भाई से 75 हजार रुपये का गिफ्ट लेती है, तो उस पूरी रकम पर बहन को टैक्स देना पड़ेगा।
50 हजार की सीमा: अगर पूरे साल में दोस्तों या चचेरे भाई-बहनों से मिले गिफ्ट की कुल रकम 49 हजार है, तो कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन 51 हजार रुपये होने पर पूरी रकम टैक्सेबल हो जाएगी। शादी के मौके पर यह छूट मिलती है, लेकिन राखी या जन्मदिन पर नहीं।
🏠 प्रॉपर्टी गिफ्ट में स्टाम्प ड्यूटी के नियम
कई बार भाई अपनी बहन को फ्लैट या जमीन का प्लॉट भी गिफ्ट करते हैं।
बिना किसी कीमत के मिली ऐसी अचल संपत्ति के मामले में स्टाम्प ड्यूटी वैल्यू को गिफ्ट की कीमत माना जाता है।
अगर सगे भाई ने 40 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी वैल्यू वाला फ्लैट गिफ्ट किया है, तो यह पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा, बशर्ते इस गिफ्ट डीड का विधिवत रजिस्ट्रेशन हुआ हो।
💸 कैश गिफ्ट लेते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
प्यार में कई बार भाई अपनी बहन को बड़ी रकम कैश में दे देते हैं, यहीं पर भारी गलती हो सकती है।
सेक्शन 269ST: इसके तहत कोई भी व्यक्ति एक दिन में या एक ही ट्रांजैक्शन में किसी एक व्यक्ति से 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश नहीं ले सकता।
अगर भाई ने बहन को 2 लाख रुपये कैश दे दिए, तो रिश्तेदार होने के कारण इनकम टैक्स तो नहीं लगेगा, लेकिन सेक्शन 271DA के तहत बहन पर पूरे 2 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है। इसलिए बड़ी रकम हमेशा चेक, एनईएफटी या यूपीआई से ही लेनी चाहिए।
📈 गिफ्ट की कमाई पर किसका लगेगा टैक्स?
अगर बहन मिले हुए पैसों को किसी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर देती है, तो उससे होने वाली ब्याज की कमाई पर बहन को ही टैक्स देना होगा। सेक्शन 64 के तहत क्लबिंग के प्रावधान पति-पत्नी या नाबालिग बच्चों पर लागू होते हैं, बहन पर नहीं। इसलिए भाई का दिया गया गिफ्ट पूरी तरह बहन की स्वतंत्र संपत्ति बन जाता है।

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