नई दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच में एक बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने इ...
नई दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच में एक बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामग्री को पुख्ता सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। शनिवार को राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है।
🔬 2. 588 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक जांच बनी आधार, मुख्य आरोपी की हुई पहचान
एनआईए के अनुसार, अभियोजन शिकायत में 588 मौखिक गवाहों की गवाही शामिल है। इसके अलावा वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के साथ-साथ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और वॉयस एनालिसिस का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इन वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से ही ब्लास्ट में मारे गए आरोपी डॉ. उमर उन नबी की पहचान स्थापित की गई है, जिसे एजेंसी ने इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। उसकी मौत के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
⚡ 3. खतरनाक TATP विस्फोटक और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का दावा
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, लाल किले के पास हुए इस धमाके में हाई-इंटेंसिटी वीबीआईईडी (VBIED) और 'ट्रायएसीटोन ट्रायपेरोक्साइड' (TATP) नामक खतरनाक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था, जिसे कई प्रयोगों के बाद तैयार किया गया था। जांच में एके-47, क्रिनकोव राइफल और देसी पिस्तौल जैसे प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद के संकेत भी मिले हैं। इसके अलावा आरोपियों द्वारा रॉकेट आधारित और ड्रोन से संचालित आईईडी को लेकर भी प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।
🗺️ 4. 'जिहादी साजिश' और 'ऑपरेशन हेवनिली हिंद' का पर्दाफाश, कई राज्यों में फैली थी जड़ें
एजेंसी की जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में फैली हुई थी। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि आरोपी अंसर गजवत उल हिंद से जुड़े थे और उन्होंने 2022 में श्रीनगर की एक गुप्त बैठक में इसे पुनर्गठित करने की कोशिश की थी। एनआईए ने इसे एक बड़े 'जिहादी षड्यंत्र' का हिस्सा बताते हुए ‘ऑपरेशन हेवनिली हिंद’ का जिक्र किया है, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर शरिया आधारित शासन स्थापित करना था।

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