आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने 31 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के बाद जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कथित ‘धमकी भ...
आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने 31 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के बाद जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कथित ‘धमकी भरे नारे’ लगाकर कैंपस के शांत वातावरण को बाधित करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संस्थान उन लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगा, जो कैंपस के शांतिपूर्ण कामकाज में बाधा डालेंगे। डायरेक्टर ने छात्रों को ईमेल भेजकर 27 अगस्त की रात फैकल्टी हाउसिंग के सामने हुए प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
🏢 2. फैकल्टी हाउसिंग के बाहर प्रदर्शन और धमकी भरी भाषा के इस्तेमाल का आरोप
बनर्जी ने छात्रों को भेजे गए ईमेल में कहा कि 27 अगस्त की रात स्थिति उस वक्त गंभीर हो गई थी, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का ग्रुप कैंपस के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया और रात 10:30 बजे से 12:30 बजे के बीच फैकल्टी हाउसिंग के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने अपने नारों में ‘अपमानजनक, नीचा दिखाने वाली और धमकी भरी भाषा’ का इस्तेमाल किया, जिससे फैकल्टी सदस्यों के परिवारों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और निजता को खतरा पैदा हुआ।
🔍 3. स्वतंत्र जांच और मुआवजे की मांग पर अड़े छात्र, पुलिस के कैंपस में घुसने का लगाया आरोप
छात्रों की मौत के बाद लगातार छठे दिन विद्यार्थियों के प्रदर्शन जारी हैं। छात्र स्वतंत्र जांच, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं, छात्रों ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त की बैठक के दौरान सादे कपड़ों में दिल्ली पुलिस के जवान कैंपस में घुसे और रिकॉर्डिंग की, जो प्रशासन के आश्वासन का उल्लंघन था। छात्रों ने बाहरी ताकतों या राजनीतिक जुड़ाव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आंदोलन को पूरी तरह स्वाभाविक और सामूहिक बताया है।
⚖️ 4. क्या है पूरा मामला और अब तक क्या हुई कार्रवाई
आईआईटी दिल्ली के कैंपस में 22 अगस्त को एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद से ही छात्र आक्रोशित हैं। बढ़ते दबाव के बीच आईआईटी दिल्ली ने छात्र की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच के लिए गठित बाहरी जांच कमेटी का गुरुवार को पुनर्गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता को सौंपी गई है।

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