चीन और नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में बुधवार को आई अचानक बाढ़ और खतरनाक हालात ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार तक कम से कम 469 लोगों की मौत ...
चीन और नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में बुधवार को आई अचानक बाढ़ और खतरनाक हालात ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार तक कम से कम 469 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
इनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक, ट्रेकर्स, तीर्थयात्री और कामगार शामिल हैं।
ये लोग माउंट कैलाश यानी पवित्र हिंदू स्थलों की यात्रा या ट्रेकिंग के लिए वहां पहुंचे थे।
यह आपदा इतनी भयावह थी कि 30 से ज्यादा देशों के लोग इसकी चपेट में आए हैं।
📊 विभिन्न देशों द्वारा जारी किए गए मौत और लापता होने के आंकड़े
नेपाल: आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश में मौतों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है और 910 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित बचाया जा चुका है।
चीन (तिब्बत): ग्यिरोंग काउंटी में सरकारी मीडिया के मुताबिक, कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी बताए गए हैं।
भारत: विदेश मंत्रालय ने कहा कि 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें 73 लोग एक पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और कई तिब्बत में माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा पर थे।
अन्य देश: अमेरिकी विदेश विभाग ने 90 अमेरिकियों के लापता होने की पुष्टि की है, जबकि मलेशिया के 51, यूक्रेन के 55 और ऑस्ट्रेलिया के 39 नागरिक लापता हैं।
🌐 विभिन्न देशों से लापता नागरिकों की सूची
ब्रिटेन: 33 नागरिक लापता
कनाडा: 25 नागरिक लापता
दक्षिण कोरिया: 9 हाइड्रोपावर प्लांट कर्मी लापता
सिंगापुर और जर्मनी: 8-8 नागरिक लापता
रूस और दक्षिण अफ्रीका: रूस के 8 और दक्षिण अफ्रीका के 6 नागरिक लापता
लातविया व जापान: लातविया के 6 और जापान के 5 नागरिक लापता
नूरजैंड व फ्रांस: न्यूजीलैंड के 5 और फ्रांस के 4 नागरिक लापता
अन्य यूरोपीय देश: बेल्जियम (3), स्पेन (3), इटली, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड, नीदरलैंड (प्रत्येक के 2-2), तथा बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड, सर्बिया और स्वीडन (प्रत्येक का 1-1 नागरिक) लापता है।

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