उत्तर प्रदेश के शामली के बंतीखेड़ा गांव से निकलकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाने वाले अंकित बालियान की 26 अगस्त की शाम ...
उत्तर प्रदेश के शामली के बंतीखेड़ा गांव से निकलकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाने वाले अंकित बालियान की 26 अगस्त की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई। कभी कबड्डी के मैदान पर अपना भविष्य तलाशने वाले अंकित ने चोट के बाद खेल छोड़कर फिटनेस और फिर संगीत की दुनिया में कदम रखा था। कुछ ही वर्षों में वह सिंगर के साथ-साथ एक्टर, गीतकार, कंपोजर और म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर लोकप्रिय होने लगे थे। परिवार के मुताबिक, उनके 20 से ज्यादा नए गानों पर काम चल रहा था और वह जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी कर रहे थे।
अंकित ने अपने करियर की शुरुआत संगीत से नहीं, बल्कि कबड्डी से की थी।
करीब 2013-14 तक वह प्रदेश स्तर पर कबड्डी खेलते रहे और दिल्ली, भोपाल समेत कई शहरों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
पैर में गंभीर चोट और फ्रैक्चर के बाद उनका खेल करियर रुक गया, जिसके बाद उन्होंने जिम और फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया।
इसी दौरान संगीत के प्रति उनका रुझान बढ़ा और करीब 2022 में उन्होंने हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय रूप से काम शुरू किया।
अंकित ने बहुत कम समय में अपनी एक अलग छाप छोड़ी।
वह गायन के साथ एक्टिंग, गीत लेखन, कंपोजिंग और म्यूजिक प्रोडक्शन में भी सक्रिय रहे और मासूम शर्मा समेत कई चर्चित कलाकारों के साथ काम किया।
‘एक खटोला जेल के भीतर’, ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’, ‘112 NE’, ‘जाट जाटनी’, ‘मोदी बरगा रुतबा’, ‘गोली के बारूद’, ‘सिस्टम’ और ‘अगला जनम जाट’ जैसे गानों से उन्हें जबरदस्त पहचान मिली।
उनके कई गानों को यूट्यूब पर लाखों और करोड़ों व्यूज मिले थे।
गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद अलग-अलग सोशल मीडिया दावों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है।
एक वीडियो में भूपेंद्र ढींगरा नाम के शख्स ने जिम के विवाद का दावा किया, जबकि गोगी गैंग से जुड़े भोलू शाहपुरिया की ओर से भी जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर पुलिस की कई टीमें दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही हैं।
मामले के खुलासे के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ को भी मैदान में उतारा गया है।
पुलिस पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद और अन्य सभी संभावित एंगल की बारीकी से जांच कर रही है।
उधर, पैतृक गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान और विधायक पंकज मलिक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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