नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की लॉ फैकल्टी में सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिसर्च स्कॉलर ने प्रोफेसर पर ...
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की लॉ फैकल्टी में सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिसर्च स्कॉलर ने प्रोफेसर पर हमला कर उन्हें थप्पड़ मार दिया।
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने इस घटना की तीखी निंदा की है और आरोपी छात्र के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग उठाई है। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में आरोपी छात्र उमंग भवन की बिल्डिंग में प्रवेश करते समय प्रोफेसर का इंतजार करता और अचानक उन पर हमला करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
🚫 आरोपी छात्र शुभम सिंह तत्काल प्रभाव से निलंबित: डीयू परिसर में प्रवेश पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासनिक कार्रवाई और DUTA का कड़ा रुख:
छात्र सस्पेंड: प्रोफेसर पर हमला करने वाले आरोपी शोधार्थी शुभम सिंह को लॉ फैकल्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कैंपस एंट्री बैन: डीयू प्रशासन ने आदेश जारी कर शुभम सिंह के दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
वीसी को पत्र: दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) ने कुलपति प्रो. योगेश सिंह को पत्र लिखकर घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी व अनुशासनात्मक एक्शन की मांग की है।
🛡️ 'केवल निलंबन काफी नहीं, कैंपस में सुरक्षा हो पुख्ता': डीटीएफ ने शिक्षकों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
शिक्षक संगठनों की मांगें और पिछली घटनाएं:
"डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) का कहना है कि सिर्फ निलंबन से काम नहीं चलेगा। शिक्षकों के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि पूर्व में लॉ फैकल्टी के अन्य प्राध्यापकों से भी अभद्रता की गई थी और पिछले साल डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में भी इसी तरह की घटना हुई थी। प्रशासन को शिक्षकों की सुरक्षा के लिए कैंपस में सख्त और प्रभावी इंतजाम करने चाहिए।"
📹 CCTV फुटेज के आधार पर प्रॉक्टर ऑफिस ने जारी किया नोटिस: जांच के लिए बनी कमेटी
प्रॉक्टर ऑफिस की आधिकारिक रिपोर्ट:
प्रवेश का ब्यौरा: डीयू प्रॉक्टर ऑफिस से जारी नोटिस के अनुसार आरोपी शोधार्थी को शैक्षणिक सत्र 2024-25 (फेज-2) में लॉ फैकल्टी में दाखिला मिला था।
सीसीटीवी प्रमाण: प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे उमंग भवन में हुई, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है।
जांच कमेटी का गठन: मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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