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Delhi Police Affidavit SC: 'संसद मार्च की नहीं थी अनुमति', नीट प्रदर्शन में लाठीचार्ज पर दिल्ली पुलिस की सुप्रीम कोर्ट में सफाई

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी धांधलियों के खिलाफ राजधानी दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस पर ल...


नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी धांधलियों के खिलाफ राजधानी दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस पर लगे बर्बरता और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई का बचाव किया है।

🚨 संसद मार्च की नहीं थी अनुमति: 30 हजार की भीड़ में घुसे असामाजिक तत्व

बल प्रयोग की वजह पर पुलिस की सफाई:

  • गैरकानूनी जमावड़ा: पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर मार्च करने की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए यह जमावड़ा गैरकानूनी था।

  • बेकाबू भीड़: करीब 3 किलोमीटर के दायरे में 30,000 से अधिक लोगों की भीड़ जमा थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए 5,000 पुलिसकर्मी तैनात थे।

  • झड़प और चोटें: जब भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तब स्थिति बेकाबू हुई। इस हिंसक झड़प में 240 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 200 प्रदर्शनकारी घायल हुए।

🚩 कीलों वाली लाठी और सादे कपड़ों में पुलिस (स्पॉटर्स) पर दी सफाई

विवादित वीडियो और वायरल दावों पर पुलिस का पक्ष:

"कीलों वाली लाठी के इस्तेमाल के आरोप पर पुलिस ने कहा कि वीडियो जांच में सामने आया है कि वह लाठी किसी पुलिसकर्मी के पास नहीं, बल्कि एक प्रदर्शनकारी के हाथ में थी और उस पर राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ था। सादे कपड़ों में लाठी लिए तैनात अधिकारियों ('स्पॉटर्स') को लेकर पुलिस ने कहा कि स्पेशल ब्रांच और क्राइम ब्रांच के स्पॉटर्स को तैनात करना एक रणनीतिक कदम था, जो स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस जैसे आयोजनों में भी अपनाया जाता है।"

👮‍♂️ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर किया हमला: 2800 से अधिक पर गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड

हिंसा की शुरुआत और आपराधिक तत्वों की मौजूदगी:

  • पुलिस पर हमला: पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के बड़े समूहों ने अकेले पड़े अधिकारियों को पीटा, उनके सुरक्षा उपकरण उतारे और उन्हें सड़क पर घसीटा।

  • आपराधिक पृष्ठभूमि: हलफनामे में दावा किया गया है कि प्रदर्शन में शामिल लगभग 2,873 व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, डकैती, और अन्य गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज हैं।

  • एसआईटी जांच: दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा गठित एसआईटी (SIT) इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है।

🤖 फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (FRS) के इस्तेमाल पर दी तकनीकी दलील

तकनीक के प्रयोग पर पुलिस का स्पष्टीकरण:

  • आनुपातिक कदम: प्रदर्शन स्थल पर फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को पुलिस ने आनुपातिक और सुरक्षात्मक कदम बताया।

  • निजी डेटा की सुरक्षा: पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह सॉफ्टवेयर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की प्रोफाइलिंग या निजी जानकारी एकत्र नहीं करता।

  • फील्ड सत्यापन: केवल गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए ही इसका उपयोग किया जाता है और केवल इसके आधार पर कार्रवाई न करके फील्ड वेरिफिकेशन भी किया जाता है।







 

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