दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप के बेहद तेज और शक्तिशाली झटके महसूस किए गए हैं। राजधानी बोगोटा सहित देश के कई बड़े क्षेत्रों में भूकंप...
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप के बेहद तेज और शक्तिशाली झटके महसूस किए गए हैं। राजधानी बोगोटा सहित देश के कई बड़े क्षेत्रों में भूकंप के चलते भारी दहशत का माहौल बन गया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, इस भूकंप की शुरुआती तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से 115 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
दूसरी ओर, स्थानीय एजेंसी 'कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस' ने इस भूकंप की शुरुआती तीव्रता 6.7 दर्ज की है। दोनों प्रमुख भूगर्भीय एजेंसियों के शुरुआती आंकड़ों में तीव्रता को लेकर थोड़ा अंतर सामने आया है, लेकिन दोनों ही रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि झटके अत्यंत तीव्र और दूर-दूर तक महसूस किए जाने वाले थे।
🌋 भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील है कोलंबिया: टेक्टोनिक प्लेट्स और फॉल्ट लाइन्स का बड़ा खतरा
कोलंबिया को दक्षिण अमेरिका के उन सबसे संवेदनशील देशों में गिना जाता है जो लगातार भूगर्भीय हलचलों का सामना करते हैं:
टेक्टोनिक प्लेट्स का जाल: कोलंबिया कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट सीमाओं (Plates Boundaries) और बड़े फॉल्ट सिस्टम (Fault System) के ऊपर बसा हुआ है।
विनाशकारी इतिहास: कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस के ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस देश में 100 से भी अधिक विनाशकारी भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।
सबसे संवेदनशील क्षेत्र: देश का एंडियन क्षेत्र (Andian Region), ईस्टर्न कॉर्डिलेरा की पूर्वी तलहटी और प्रशांत महासागर से सटा तटीय इलाका लगातार बड़े भूकंपों के रेड ज़ोन में रहते हैं।
📜 इतिहास में आ चुके हैं विनाशकारी भूकंप: राहत व बचाव कार्य में जुटे अधिकारी
कोलंबिया का इतिहास कई बड़े और तबाही मचाने वाले भूकंपीय हादसों का गवाह रहा है:
1979 का टुमाको भूकंप: इतिहास का सबसे भीषण भूकंप वर्ष 1979 में दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया के टुमाको के पास आया था, जिसकी तीव्रता 8.0 मापी गई थी और उसने व्यापक जान-माल का नुकसान किया था।
हाल के दशकों की बड़ी घटना: हाल ही में आया 7.4 तीव्रता का यह भूकंप भी कोलंबिया में बीते कुछ दशकों में दर्ज की गई सबसे बड़ी भूगर्भीय घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
अलर्ट पर राहत टीमें: घटना के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की पहली प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सहायता पहुंचाना और घायलों का इलाज करना है। संयुक्त राज्य भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और स्थानीय मौसम एजेंसियां भूकंप के बाद आने वाले संभावित 'आफ्टरशॉक्स' (Aftershocks) पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

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