दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक अनोखे और संवेदनशील तस्करी मामले में वियतनामी मूल के नागरिक लाई वान थान को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में...
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक अनोखे और संवेदनशील तस्करी मामले में वियतनामी मूल के नागरिक लाई वान थान को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी बिना किसी वैध दस्तावेज या मंजूरी के भारत में भारी मात्रा में विदेशी और दुर्लभ प्रजाति के जिंदा जीव-जंतु (खतरनाक मकड़ियां, बिच्छू और जहरीले कीड़े) व पौधे ला रहा था। इसी दौरान एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने उसे दबोच लिया। जिसके बाद उसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धांत सिहाग की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने आरोपी की इस दलील को खारिज कर दिया कि इन जीव-जंतुओं को वह निजी उपभोग के लिए ला रहा था।
कस्टम विभाग की तरफ से हिरासत मांगते हुए विशेष लोक अभियोजक पुनीत सिंघल ने अदालत को बताया कि आरोपी जिन जीवों और पौधों को लेकर आया है, वे भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इन विदेशी प्रजातियों को भारत में आयात करने के लिए आवश्यक 'साइट्स' परमिट, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की मंजूरी, मुख्य वन्यजीव वार्डन का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और पर्यावरण मंत्रालय का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है, लेकिन आरोपी के पास इनमें से कुछ भी नहीं था।
कस्टम विभाग ने जताई इस बात की आशंका
सिंघल ने इस बात पर भी जोर दिया कि मामला अभी शुरुआती चरण में है, यदि आरोपी को किसी भी तरह की राहत दी गई, तो वह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ी जांच को प्रभावित कर सकता है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। आरोपी के वकील ने न्यायिक हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि इन जीवों की बरामदगी उसे गिरफ्तार करने या उसे जेल भेजने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी ने कोर्ट में दलील दी कि वह इन खतरनाक मकड़ियों, बिच्छुओं और जहरीले कीड़ों को अपने 'व्यक्तिगत उपभोग' के लिए लाया था, जिसे विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया।
साथ में लाया खतरनाक मकड़ियां, बिच्छू और कनखजूरे
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के वन्यजीव निरीक्षक अर्णब बसु द्वारा की गई पहचान के मुताबिक, आरोपी के पास से हो ची-मिन्ह अर्थ टाइगर टैरेंटुला, वियतनाम ब्लू और हाइलैंड टैरंटुला जैसी सैकड़ों की संख्या में खतरनाक मकड़ियां, वियतनामी फॉरेस्ट स्कॉर्पियन (बिच्छू), रेनबो मिलीपीड्स (कनखजूरे) और दुर्लभ ऑर्किड व बोन्साई पौधे बरामद हुए हैं।

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