नई दिल्ली, 7 जुलाई 2026। दृष्टिबाधित व्यक्तियों को अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन ने टॉर्चिट इलेक्ट्रॉनि...
नई दिल्ली, 7 जुलाई 2026। दृष्टिबाधित व्यक्तियों को अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन ने टॉर्चिट इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से अत्याधुनिक एआई-संचालित सहायक तकनीकों का शुभारंभ किया। इनमें वायरलेस ज्योति एआई विज़न ग्लासेज़, ज्योति एआई वेब, एडवांस्ड फोल्डेबल स्मार्ट व्हाइट केन, एनेबलमार्ट एक्सपीरियंस एंड रिसोर्स सेंटर और असिस्टिव टेक्नोलॉजी रिसोर्स बुक शामिल हैं। इनका उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए सुगम्यता, समावेशी शिक्षा और स्वतंत्र जीवन को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मनमीत कौर नंदा ने किया। उन्होंने कहा कि सहायक प्रौद्योगिकी शिक्षा, रोजगार, गतिशीलता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। टॉर्चिट इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक एवं निदेशक हनी भगचंदानी ने कहा कि संस्था का लक्ष्य किफायती, स्वदेशी और एआई-संचालित तकनीकों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना है।
ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन के कार्यकारी सचिव डेविड ने कहा कि टॉर्चिट के साथ साझेदारी सहायक तकनीकों को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के साथ समावेशी शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूती देगी। टॉर्चिट फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. होमियार मोबेडजी ने एआई को दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा, सूचना और दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
एआईआईएमएस के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर डॉ. सूरज सेनजाम ने किफायती ‘मेक इन इंडिया’ सहायक तकनीकों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन वायरलेस ज्योति एआई विज़न ग्लासेज़ और ज्योति एआई वेब के लाइव प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने अधिक सुगम एवं समावेशी भारत के निर्माण के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

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