भरथना/इटावा, 7 जुलाई 2026। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन के ल...
भरथना/इटावा, 7 जुलाई 2026। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए शिवभक्तों का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ। पालिकाध्यक्ष अजय यादव, प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह, व्यापारी नेता विमल पोरवाल बंटी सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर सकुशल यात्रा और वापसी की कामना के साथ विदाई दी।
बाबा अमरनाथ बर्फानी सेवा समिति भरथना के अध्यक्ष एवं भाजपा सभासद सुशील पोरवाल ‘नानू बाबा’ की अगुवाई में मंगलवार को अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले शिवभक्तों ने रवाना होने से पहले मोहल्ला महावीर नगर स्थित शिव मठिया में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं में मनोज राठौर, दीपक बजाज, नंदकिशोर, भोले पोरवाल, नंदू कौशल, सौरभ दुबे, छोटे राठौर, राजू चौबे, शशि चौबे, शिव कुमार, अखिलेश कुमारी, राजीव त्रिपाठी और रोजी त्रिपाठी सहित अन्य शिवभक्त शामिल हैं।
सब्जी मंडी चौराहे पर पालिकाध्यक्ष अजय यादव, प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह, व्यापारी नेता विमल पोरवाल बंटी, सूरज कुमार और आबिद सहित कई लोगों ने शिवभक्तों को मालाएं और पट्टिका पहनाकर स्वागत किया। पुष्पवर्षा के बीच सभी श्रद्धालुओं की सकुशल वापसी की कामना करते हुए उन्हें यात्रा के लिए विदाई दी गई।
इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष ओम प्रताप बंटू, विशाल गुप्ता, देवाशीष चौहान, बलवीर नीरज, दिलीप कुमार, सतेंद्र जैन, सौरभ पोरवाल, नीटू तिवारी, नवनीत गुप्ता, सभासद शिवा यादव, राजेश पंडा और शिवम पोरवाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
भाजपा सभासद एवं शिवभक्त सुशील पोरवाल ‘नानू बाबा’ 26वीं बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से लगातार उन्हें बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है और प्रत्येक यात्रा उन्हें नई आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मिक शांति एवं शिवभक्ति का अनुभव कराती है।
उन्होंने कहा कि कठिन पर्वतीय मार्ग, प्रतिकूल मौसम और तमाम चुनौतियों के बावजूद बाबा बर्फानी के प्रति अटूट आस्था उन्हें हर वर्ष यात्रा के लिए प्रेरित करती है। अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, सेवा और आस्था की परीक्षा भी है। यात्रा के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच एकता, भाईचारे और सेवा भावना का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

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