दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के महीनों बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक इस 'गम' से उबरते दिख रहे हैं। 'आप' को सब...
दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के महीनों बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक इस 'गम' से उबरते दिख रहे हैं। 'आप' को सबसे बड़े और पुराने गढ़ में मिली पराजय को केजरीवाल ने यह कहकर नजरअंदाज किया है कि ऊपर नीचे होता रहता है। दिल्ली में लगातार तीन बार जीत हासिल करने वाले केजरीवाल को भाजपा ने इस बार 'चौका' मारने से रोक दिया, जिसके बाद वह लंबे समय तक इस पर चुप्पी साधे रहे।
फरवरी में जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो 'आप' को करारी शिकस्त मिली और भाजपा करीब तीन दशक बाद दिल्ली की सत्ता में वापस लौटी। भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने वाले केजरीवाल चौथी बार शपथ नहीं ले पाए। दिल्ली में हार के बाद वह लंबे समय तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे। अब वह पार्टी की विस्तार योजना में जुट गए हैं। इसके तहत गुजरात पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली में हार से जुड़े सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं, होता रहता है ऊपर नीचे।’
केजरीवाल ने पंजाब में दोबारा सरकार बनाने का विश्वास जाहिर किया तो गुजरात में भी सरकार बनाने की बात कही। केजरीवाल ने विसावदर की सीट पर मिली जीत को सेमीफाइनल बताते हुए कहा कि इसी तरह का गुस्सा पूरे गुजरात में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने 30-30 साल राज किया। अब तक लोगों के पास विकल्प नहीं था, लेकिन अब आम आदमी पार्टी को विकल्प के रूप में देखा जा रहा है और उनकी पार्टी 2027 में सरकार बनाने जा रही है।
तीन राज्यों में चुनावी तैयारी
अरविंद केजरीवाल ने साफ किया कि उनकी पार्टी फिलहाल तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी बिहार में अकेले चुनाव लड़ रही है। वहीं, पंजबा और गुजरात में भी उन्होंने चुनाव लड़ने और सरकार बनाने का विश्वास जाहिर किया। केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनका अब कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं है।

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