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नौकरी से निकाला तो बन गए चोर, नोएडा के बस अड्डों-मेट्रो स्टेशन में यात्रियों को ऐसे देते थे चकमा

सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर राहगीरों के मोबाइल फोन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरग...


सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर राहगीरों के मोबाइल फोन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत तीन आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बैग से कीमती सामान भी चुराते थे। डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि पुलिस की टीम सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सोम बाजार के पास चेकिंग कर रही थी, तभी उधर से स्कूटी सवार तीन व्यक्ति गुजरे।


तीनों सेक्टर-49 रेड लाइट की तरफ से आ रहे थे। पुलिस ने संदिग्ध लगने पर तीनों को रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को देखते ही तीनों स्कूटी से तेजी से भागे,पर उन्हें थोड़ी ही दूर पर दबोच लिया गया। उनकी जब तलाशी ली गई तो तीनों के पास से लूट के 10 मोबाइल, तमंचा और चाकू मिले। आरोपियों की पहचान दि
पूछताछ में पता चला कि तीनों लूट और चोरी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। गिरोह का सरगना अमित बहादुर है। वह मथुरा, दिल्ली और अन्य जनपद में छिनैती और चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में उसने बताया कि गिरोह के सदस्य स्कूटी से निकलकर बस अड्डे, मेट्रो स्टेशन या अन्य भीड़भाड़ वाले स्थान पर यात्रियों को टारगेट करते। फिर उनके बैग या जेब से कीमती फोन चुरा लेते। उसके बाद शाम ढलते ही पैदल टहलने वाले या दफ्तर से घर की ओर जाने वाले लोगों के फोन छीनकर फरार हो जाते। सरगना अमित बहादुर 12वीं पास है। कृष्णा दसवीं और रोहित यादव पांचवीं पास है।ल्ली सरिता विहार के जनता फ्लैट निवासी अमित बहादुर उर्फ भोलू, मधुबनी बिहार निवासी कृष्णा और फिरोजाबाद के नसीर निवासी रोहित यादव के रूप में हुई।

नौकरी छूटने के बाद गिरोह बनाया


एडिशनल डीसीपी सुमित कुमार शुक्ला ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य वर्तमान में बेरोजगार हैं। पूर्व में तीनों अलग-अलग जगह पर नौकरी कर चुके हैं। उन्हें वहां से निकाल दिया गया था। इसके बाद सभी संगठित गिरोह बनाकर वारदात करने लगे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी और लूट के मोबाइल को वह राहगीरों को बेहद कम दाम में बेच देते थे। वे 40 हजार रुपये के मोबाइल को राहगीरों को महज सात से आठ हजार रुपये में बेचते थे। जिन लोगों ने आरोपियों से मोबाइल खरीदे,पुलिस उनके बारे में भी जानकारी एकत्र कर रही है। मोबाइल को बेचकर जो भी रुपये मिलते, तीनों आपस में बांट लेते।


तीनों आरोपी नशे के आदी


पुलिस के मुताबिक तीनों नशे के आदी हैं। जब तक नशे के लिए पैसा रहता है तबतक आरोपी वारदात नहीं करते। जैसे ही पैसा खत्म होता है लूट और चोरी करने लग जाते हैं।




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