गाजियाबाद: हर किसी का सपना होता है कि उनका अपना एक खुद का घर हो। गाजियाबाद के लालकुआं स्थित 'सारे स्प्रिंग व्यू हाइट्स' (Sare Sprin...
गाजियाबाद: हर किसी का सपना होता है कि उनका अपना एक खुद का घर हो। गाजियाबाद के लालकुआं स्थित 'सारे स्प्रिंग व्यू हाइट्स' (Sare Spring View Heights) में अपना फ्लैट बुक करके साल 2013 में दर्जनों परिवारों ने इसी सपने को पूरा करने की कोशिश की थी, लेकिन 13 साल बीत जाने के बाद भी उनके हाथ खाली हैं।
घर खरीदारों (Homebuyers) का कहना है कि उन्हें आज तक अपने सपनों के आशियाने का पजेशन (कब्जा) नहीं मिल पाया है। बुकिंग के समय बिल्डर द्वारा तय समय-सीमा के भीतर कब्जा देने का वादा किया गया था, लेकिन साल दर साल बीतते चले गए और खरीदारों के हिस्से केवल झूठे आश्वासन, लगातार होती देरी और अनिश्चितता ही आई। बेबस और परेशान खरीदारों ने अब इस पूरे मामले में सख्त सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।
आक्रोशित होमबायर्स ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं और अपने अधिकारों को लेकर रविवार को सोसाइटी परिसर के बाहर एक शांतिपूर्ण बैठक की और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान खरीदारों ने जमकर नारेबाजी भी की। होमबायर्स ने अपनी व्यथा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह के विवाद या टकराव के पक्ष में नहीं हैं, वे केवल अपना अधिकार और फ्लैट की चाबी चाहते हैं।
📋 जिंदगीभर की गाढ़ी कमाई फंसी: होमबायर्स ने प्रशासन और बिल्डर के सामने रखीं 6 प्रमुख मांगें
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रभावित होमबायर्स ने कहा कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी फ्लैट खरीदने में लगा दी है। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए होमबायर्स ने 6 स्पष्ट मांगें रखी हैं:
समयबद्ध निर्माण: प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अत्यधिक तेजी से और एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
स्पष्ट टाइमलाइन: हर एक टावर और पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने की अंतिम समय-सीमा (Deadline) सार्वजनिक की जाए।
पारदर्शी निगरानी: निर्माण कार्य की नियमित और पारदर्शी तरीके से प्रशासनिक निगरानी की जाए।
वित्तीय स्थिति की जानकारी: होमबायर्स को प्रोजेक्ट की वास्तविक वित्तीय और ग्राउंड-लेवल निर्माण स्थिति की पूरी रिपोर्ट दी जाए।
नियामक संस्थाओं का दखल: संबंधित सरकारी विभाग और यूपी रेरा (UP RERA) जैसी नियामक संस्थाएं इस मामले में तुरंत संज्ञान लें।
ठोस कार्रवाई और चाबी: कई सालों से परेशान होमबायर्स को कागजी आश्वासनों के बजाय ठोस धरातली कार्रवाई और उनके घर की चाबी दी जाए।
🔑 खरीदते समय किए गए थे बड़े-बड़े वादे: शांतिपूर्ण और कानूनी रास्ते पर होमबायर्स
फ्लैट बेचते वक्त बायर्स को जल्द से जल्द चाबी सौंपने का लुभावना वादा किया गया था, लेकिन समय के साथ वे वादे हवा हो गए:
"होमबायर्स का कहना है कि इतने वर्षों के इंतजार के बाद भी उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। हम किसी हिंसा या टकराव के पक्षधर नहीं हैं। हमारा यह पूरा संघर्ष पूरी तरह से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानूनी दायरे में रहकर अपने घर और अपने हक को पाने के लिए है।"

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