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श्रमिक कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली पर NFITU ने उठाए सवाल

तिंडीवनम, तमिलनाडु 15 अक्टूबर 2026 । तमिलनाडु में श्रमिक कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली, सहायता राशि के वितरण में देरी और श्रमिकों के अधिका...


तिंडीवनम, तमिलनाडु 15 अक्टूबर 2026 । तमिलनाडु में श्रमिक कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली, सहायता राशि के वितरण में देरी और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (NFITU) ने सवाल उठाए हैं। संगठन के राज्य महासचिव अलंगुप्पम बाला ने तिंडीवनम स्थित एरियास होटल में राज्य अध्यक्ष एम. श्रीनिवासन के जन्मदिन पर आयोजित वार्षिक सम्मान समारोह में श्रमिकों की समस्याएं उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

बाला के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 47 लाख 62 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 मार्च तक 11,39,298 श्रमिकों को कल्याणकारी सहायता मिली, जबकि 6,54,108 नए पंजीकरण हुए। उन्होंने कुल पंजीकृत श्रमिकों की वर्तमान स्थिति, लंबित आवेदनों और सहायता की प्रतीक्षा कर रहे लाभार्थियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।

लंबित आवेदनों और कर्मचारियों के कामकाज पर सवाल

NFITU महासचिव ने 35 कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों पर बढ़ते काम के बोझ, महीनों तक आवेदन लंबित रहने और अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं होने की शिकायतों की जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने कल्याण बोर्डों की आय, व्यय, बैंक बैलेंस, निवेश, ऑडिट रिपोर्ट और छात्रवृत्ति के लंबित आवेदनों का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारी सम्मानित

कार्यक्रम में श्रमिक हितों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। विलुप्पुरम जिला निर्माण टीम के सचिव चेल्लप्पन को जनसेवक पुरस्कार और कलाई घड़ी प्रदान की गई। वहीं, विलुप्पुरम पूर्वी जिला सचिव कृपाकरन को NFITU उत्कृष्ट पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया।


17 मांगों का ज्ञापन सौंपने का दावा

अलंगुप्पम बाला ने बताया कि NFITU की ओर से श्रम कल्याण मंत्री मोहम्मद परवेज को 17 मांगों का ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

बाला ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो श्रमिक संगठनों को एकजुट होकर पूरे तमिलनाडु में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करना पड़ सकता है। संगठन ने श्रमिक कल्याण बोर्डों की जवाबदेही तय करने और पात्र लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचाने की मांग दोहराई।

नोट: श्रमिकों के पंजीकरण, सहायता वितरण और लंबित आवेदनों से संबंधित आंकड़े NFITU महासचिव के बयान पर आधारित हैं।






 

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