पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करके साकेत पुलिस स्टेशन में अपने साथ हुई कथित मारपीट और ब...
पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करके साकेत पुलिस स्टेशन में अपने साथ हुई कथित मारपीट और बदसलूकी की पूरी घटना से अवगत कराया। महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा गया और मुस्लिम होने के कारण विशेष रूप से प्रताड़ित करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। पत्रकारों ने 3 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और साकेत थाने की पूरी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
🚨 अस्पताल के बाहर रिपोर्टिंग के दौरान VVIP मूवमेंट का हवाला देकर हिरासत में लेने का आरोप
पत्रकारों के मुताबिक, 3 सितंबर को वे एक अस्पताल के बाहर रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े कार्यक्रम के बीच पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन वैन में डाल दिया और थाने ले आए। पत्रकारों का आरोप है कि थाने के अंदर एसएचओ (SHO) दिनेश कुमार और एसआई (SI) सोनम समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बाल नोचे, लात-घूंसों से पीटा और धार्मिक पहचान सामने आने के बाद आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
🔍 राहुल गांधी ने की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग: दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपों से किया किनारा
इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया और मंचों से साकेत थाने की पूरी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पत्रकारों को केवल वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए अब सीसीटीवी फुटेज की जांच सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।

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