शनिवार को राजधानी दिल्ली की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) की तेज-तर्रार नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियं...
शनिवार को राजधानी दिल्ली की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) की तेज-तर्रार नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने 'आप' का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उन्हें पार्टी कार्यालय में विधिवत रूप से कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस में शामिल होने के तुरंत बाद प्रियंका कक्कड़ ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी और आम आदमी पार्टी छोड़ने तथा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के पीछे की मुख्य वजहों का विस्तार से खुलासा किया।
💚 क्यों छोड़ी आम आदमी पार्टी और क्यों चुनी कांग्रेस? प्रियंका कक्कड़ बोलीं- मुझे वही पुरानी, हरी-भरी और प्रगतिशील दिल्ली वापस चाहिए
कांग्रेस जॉइन करने की वजह बताते हुए प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि उन्हें वो दिल्ली वापस चाहिए जिसमें वे खुद बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि उनका बचपन जिस दिल्ली में बीता, वह बेहद साफ-सुथरी, हरी-भरी और प्रगतिशील हुआ करती थी। अपने लगभग 10 साल के लंबे राजनीतिक करियर के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि वैसी बेहतरीन दिल्ली को वापस केवल कांग्रेस पार्टी ही ला सकती है। इसके साथ ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल और 'आप' पर निशाना साधते हुए कहा कि शुरुआत में पार्टी ने बुद्धिजीवी वर्ग को जोड़ा था, लेकिन वे उन्हें संभाल नहीं पाए और अब ऐसे लोगों को त तरजीह दी जा रही है जिन्होंने कभी बूथ स्तर पर भी काम नहीं किया है।
✈️ प्राइवेट चॉपर के इस्तेमाल पर साधा निशाना और राहुल गांधी को बताया देश का सबसे विश्वसनीय नेता
पार्टी लीडरशिप पर तंज कसते हुए प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि कभी सादगी की मिसाल देने वाले लोग आज प्राइवेट चॉपर का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमाम वादों के विपरीत जब ऐसी चीजें होने लगीं, तो वे अब 'आप' का बचाव करने में असमर्थ थीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की जमकर तारीफ की और उन्हें देश का इकलौता ऐसा विश्वसनीय नेता बताया जिन्होंने कभी कैमरों के सामने दिखावे के आंसू नहीं बहाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को नीचा दिखाने के लिए एक बड़ी मशीनरी सक्रिय की गई, फिर भी वे और उनकी पार्टी डटकर मुकाबला करते रहे।

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