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Jantar Mantar Protest 2026: 10 अक्टूबर के आंदोलन से पहले बड़ी गिरफ्तारी की आशंका, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने किया दावा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। इस बीच आम...

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बड़ी आशंका जताई है कि केंद्र सरकार इस आंदोलन से पहले किसी बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने के लिए CJP के फाउंडर और प्रमुख संयोजकों जैसे अभिजीत दीपके और सौरव दास समेत कई बड़े नेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर सकती है या उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कर सकती है।

📢 'आंदोलन 140 करोड़ देशवासियों का है': नेताओं की गिरफ्तारी की स्थिति में सौरभ भारद्वाज ने दिए प्लान B और C तैयार करने के निर्देश

सोशल मीडिया पर जारी किए गए एक वीडियो में सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि सरकार इस आंदोलन से घबराई हुई है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों को सलाह देते हुए कहा कि यदि पहली कतार के नेता गिरफ्तार भी हो जाते हैं, तो भी यह आंदोलन रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वे अपना 'प्लान B' और 'प्लान C' तैयार रखें, जिसमें यह स्पष्ट हो कि लीडरशिप की गैर-मौजूदगी में नेतृत्व कौन संभालेगा, संदेश कैसे आगे बढ़ेगा और सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत की क्या रणनीति होगी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक होने की स्थिति में वैकल्पिक संचार साधनों का उपयोग करने की भी बात कही।

🗳️ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर गरमाई राजनीति

आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी का मुख्य आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, हालांकि चुनाव आयोग इन सभी आरोपों को पहले ही खारिज कर चुका है। यह आंदोलन अब केवल CJP तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें कांग्रेस, AAP, NSUI, AISA और SFI समेत कई छात्र-युवा संगठन भी जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे दिल्ली की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।






 

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