नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। दिल्ली न...
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रशासन द्वारा शनिवार से 'रिफॉर्म उत्सव 2026' का भव्य आगाज किया गया है। इस अनूठी पहल के तहत निगम प्रशासन नागरिकों को कचरे के उचित निस्तारण, मौके पर ही कूड़े के प्रबंधन और रिसाइकल प्रणाली के प्रति जागरूक कर रहा है, जिससे दिल्ली में जीरो वेस्ट (शून्य अपशिष्ट) कॉलोनियों की क्षमता 1,200 से अधिक हो जाएगी।
🤝 400 से अधिक आरडब्ल्यूए और बीडब्ल्यूजी को एमओयू के लिए आमंत्रण: साझा किए जाएंगे सफलता के अनुभव
इस अभियान के माध्यम से अब तक घोषित 823 से अधिक जीरो वेस्ट कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए (Resident Welfare Associations) को अपने अनुभव और सफल प्रयास साझा करने के लिए एक मंच मिला है। इसके साथ ही, एमसीडी ने बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) के रूप में चिह्नित 400 से अधिक संभावित कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए को जीरो वेस्ट का दर्जा प्राप्त करने के लिए निगम के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करने हेतु आमंत्रित किया है।
🌍 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' का लक्ष्य: महापौर प्रवेश वाही और डेम्स समिति अध्यक्ष संदीप कपूर ने साझा किए प्रयास
महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि निगम लगातार दिल्ली की कॉलोनियों को जीरो वेस्ट बनाने के लिए नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कार्य कर रहा है। वहीं, निगम की पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं (डेम्स) समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने बताया कि इस पहल से लैंडफिल साइटों पर पहुंचने वाले कचरे की मात्रा में भारी कमी आएगी। मौके पर ही कचरे को अलग-अलग कर संसाधित करने की इस विकेंद्रीकृत व्यवस्था से स्वच्छ और हरित दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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