हरियाणा के गुरुग्राम में देश का पहला 'तीर्थंकर वनम्' स्थापित किया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक पर्यटकों के लिए आकर्षण ...
हरियाणा के गुरुग्राम में देश का पहला 'तीर्थंकर वनम्' स्थापित किया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों और आध्यात्मिक पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। अरावली की पहाड़ियों की गोद में बने इस अनूठे वन का उद्घाटन शनिवार को हरियाणा के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) गुरुग्राम चैप्टर फाउंडेशन द्वारा अरावली की पांच एकड़ सरकारी वन भूमि पर इस तीर्थंकर वनम् को विकसित किया गया है। लगभग दस महीने में तैयार हुए इस प्रोजेक्ट पर दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है, जहाँ सूर्योदय से पहले पहुंचकर कोई भी आम नागरिक ध्यान और योग का लाभ उठा सकता है।
🧘♂️ 24 जैन तीर्थंकरों को समर्पित हैं ध्यान स्थल, हर परिसर में लगाए गए हैं विशेष पेड़
जीतो के प्रवक्ता अभय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तीर्थंकर वनम् परिसर में कुल 24 ध्यान स्थल बनाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक स्थल जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से एक-एक को समर्पित है। हर तीर्थ स्थल के समीप तीन-तीन विशेष पेड़ रोपे गए हैं, हालांकि इनकी देखरेख और रखरखाव करना एक बड़ी चुनौती है। वन विभाग के साथ हुए एमओयू के तहत विकसित इस स्थल का मंत्री राव नरबीर सिंह ने दौरा कर पौधारोपण भी किया और जीतो की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
🌍 सकारात्मक ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है नया वनम्
जीतो गुरुग्राम चैप्टर के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि 'तीर्थंकर वनम्' नाम सुनते ही व्यक्ति के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। अरावली की हरियाली के बीच यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित होगा। वहीं, मंत्री राव नरबीर सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान शुरू की गई यह पहल समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देगी और यह वनम् पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का भी अनूठा संदेश देता है।

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