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BJP vs Congress on Voter List: सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयानों पर उठाए सवाल, कहा- कांग्रेस ने देश की हर संस्था पर लगाए आरोप

एक तरफ जहाँ दिल्ली में 'इंडिया गठबंधन' के नेता मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च निकाल रहे ह...

एक तरफ जहाँ दिल्ली में 'इंडिया गठबंधन' के नेता मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दलों पर चौतरफा हमला बोल दिया है। इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस पर बिना सत्यापन के अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं को मतदान का अधिकार देने का समर्थन करने का आरोप लगाया और तीखा सवाल किया कि आखिर पार्टी इस तरह के कदमों से किसे लाभ पहुँचाना चाहती है?

🏛️ 'लोकतंत्र की आड़ में राजशाही चला रहा है कांग्रेस का पहला परिवार': आकाशवाणी में घुसपैठ और राहुल गांधी की भाषा पर साधा निशाना

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेतृत्व पर बेबुनियाद दावों के जरिए देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के पहले परिवार ने पिछले चार पीढ़ियों से लोकतंत्र का गला घोंटकर राजशाही चलाई है। आज जिस तरह से आकाशवाणी परिसर में घुसपैठ करने की कोशिश की गई और राहुल गांधी ने बयानबाजी की, उससे साफ झलकता है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी, अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट जैसे नेता पहले खुद मतदाता सूचियों में डुप्लीकेशन (एक नाम कई बार होने) की बात स्वीकार करते रहे हैं, ऐसे में उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वे तब सही थे या आज सही बोल रहे हैं।

📊 'कांग्रेस पार्टी ने देश की कितनी संस्थाओं पर लगाए हैं आरोप?': सेना से लेकर न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि इस बात पर एक क्विज़ प्रतियोगिता होनी चाहिए कि कांग्रेस पार्टी और विशेषकर राहुल गांधी ने अब तक देश की कितनी संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भारतीय सेना, वायुसेना, एलआईसी, एचएएल, एसबीआई, सेबी, न्यायपालिका, मीडिया और अब चुनाव आयोग तक—लगभग देश की हर प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था पर सवालिया निशान खड़े किए हैं और वे अक्सर विदेशों में जाकर देश की छवि धूमिल करते हैं।






 

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