Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Supreme Court on Greater Noida Magistrate Notice: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी नाराजगी, ग्रेटर नोएडा की मजिस्ट्रेट से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को बेहद तल्ख रुख अपनाया. मुख्य न्यायाधीश...

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को बेहद तल्ख रुख अपनाया. मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अगुवाई वाली 3 जजों की बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह ग्रेटर नोएडा की मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगेगी और यह सवाल किया कि जब शीर्ष अदालत का साफ निर्देश था कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तो आखिर मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की.

👨‍🎓 2. वकील विश्वजीत भट्टाचार्य ने उठाया मामला, कहा- शीर्ष अदालत के 1 सितंबर के आदेश का खुलेआम किया गया उल्लंघन

वरिष्ठ वकील विश्वजीत भट्टाचार्य ने कोर्ट के सामने यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के दूसरे वर्ष के एक छात्र को नोएडा पुलिस की रिपोर्ट पर पूर्व मजिस्ट्रेट द्वारा 5 लाख रुपये का निजी मुचलका भरने का नोटिस जारी किया गया था. वकील ने इसे प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना बताया और कहा कि अधिकारी छात्रों के मन में डर का माहौल नहीं बना सकते, हालांकि बाद में मीडिया में खबर आई कि इस नोटिस को वापस ले लिया गया है.

🛑 3. छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का कोई सवाल नहीं उठता, कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने भी नोटिस वापस लिए जाने के संबंध में जानकारी ली. CJI सूर्य कांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारे युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि इस संबंध में पहले ही स्पष्ट आदेश पारित किया जा चुका है. अदालत ने वकील को तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अदालत के आदेश के बावजूद इस तरह का नोटिस क्यों जारी किया गया था.







 

कोई टिप्पणी नहीं