राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुआ कार धमाका पूर...
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुआ कार धमाका पूरी तरह से आत्मघाती हमला था. डॉ. उमर उन नबी ने अपनी कार में कमांड मैकेनिज्म से IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को एक्टिवेट कर खुद को उड़ा लिया था, जिसकी चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. एनआईए के मुताबिक, उमर उन नबी आतंकी मॉड्यूल 'अंसार गजवत-उल-हिंद' का ऑपरेशनल इंचार्ज और मुख्य मास्टरमाइंड था.
🧠 2. युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर तैयार कर रहा था नेटवर्क, जिहादी साहित्य और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए फैलाता था प्रोपेगेंडा
जांच एजेंसी के खुलासे के अनुसार, डॉ. नबी 2022 की शुरुआत से ही इस आतंकी मॉड्यूल को सक्रिय करने में जुटा था. वह नए युवाओं को कट्टरपंथी बनाता था और उन्हें देश के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाता था. उसके पास से 'जिहाद की परिभाषा', 'जिहाद के 21 लक्ष्य' और 'सेवा के तरीके' जैसे चरमपंथी दस्तावेज बरामद हुए हैं. आरोपी सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आपस में संवाद करते थे और फंडिंग व हथियारों का बंदोबस्त करते थे.
🚗 3. जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में हुई थीं साजिश की बैठकें, पुरानी कार को VBIED में बदलकर दिया गया था खौफनाक घटना को अंजाम
एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस आतंकी साजिश के तहत जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर में कई गुप्त बैठकें आयोजित की गई थीं. डॉ. नबी और उसके सह-आरोपियों ने एक पुरानी कार खरीदी थी, जिसे 10 नवंबर 2025 के धमाके से पहले 'व्हीकल-बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (VBIED) में बदल दिया गया था. फोरेंसिक साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि विस्फोटक को वाहन के भीतर से ही कमांड मैकेनिज्म के जरिए विस्फोटित किया गया था.

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