उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। एक तरफ मसूरी-देहरादून मार्ग पर बार-...
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। एक तरफ मसूरी-देहरादून मार्ग पर बार-बार हो रहे भूस्खलन से सड़क संपर्क कट रहा है, तो दूसरी तरफ नैनीताल में उफनाते नालों का पानी और भारी मात्रा में मलबा सीधे मॉल रोड तक पहुंच गया है। दोनों ही प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग यातायात को सुचारू बनाने और राहत कार्यों में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।
🚜 2. मसूरी-देहरादून मार्ग पर दो जेसीबी मशीनों से हटाए गए बोल्डर, स्थायी समाधान के लिए सर्वे जारी
लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने जानकारी दी कि गलोगी के पास सड़क पर गिरे बड़े-बड़े बोल्डरों को दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाकर रास्ता साफ किया गया है। पानी वाले बैंड के पास सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण पहाड़ की कटिंग करके मार्ग को चौड़ा किया गया है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 'लैंडस्लाइड मिटिगेशन सेंटर' की मदद ली जा रही है, जिसकी टोपोग्राफिकल सर्वे और सॉयल टेस्टिंग रिपोर्ट अगले 15 से 20 दिनों में आने की उम्मीद है।
🌧️ 3. नैनीताल में नाले उफान पर आने से मॉल रोड पर भरा पानी, झील में मलबा जाने से लोगों में चिंता
दूसरी ओर, नैनीताल में तेज बारिश के कारण शहर के नाले पूरी तरह उफान पर हैं। नालों की समय पर सफाई न होने के कारण भारी मात्रा में मलबा बहकर दुकानों और मॉल रोड पर आ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बड़ी मात्रा में मलबा सीधे नैनी झील में समा रहा है, जिससे शहर के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

कोई टिप्पणी नहीं