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Mahoba Passenger Survivor Account: एसी स्लीपर बस आगजनी में बाल-बाल बचे सुनील, आंखों के सामने धू-धूकर जलती रही बस

यमुना एक्सप्रेसवे पर एसी स्लीपर बस में आग लगने की भीषण घटना का एक चश्मदीद यात्री सामने आया है, जिसने इस पूरी दुर्घटना का खौफनाक मंजर अपनी आं...

यमुना एक्सप्रेसवे पर एसी स्लीपर बस में आग लगने की भीषण घटना का एक चश्मदीद यात्री सामने आया है, जिसने इस पूरी दुर्घटना का खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखा है. महोबा के सुगिरा गांव के रहने वाले सुनील कुमार उसी बस में सवार थे जो बुधवार की रात आग का गोला बन गई थी. सुनील के अनुसार, जब बस में आग लगी तब वह सो रहे थे, लेकिन अचानक मचे शोर के बाद वह तुरंत उठे और बाहर भागे. उन्होंने बताया कि बस में केवल एक ही दरवाजा होने के कारण भारी भीड़ लग गई और इमरजेंसी गेट भी नहीं खुला, जिससे महज एक मिनट के भीतर जो बाहर निकल पाया वह बच गया, और जो अंदर रह गया वह जिंदा जल गया.

🔥 2. आंखों के सामने धू-धूकर जलती रही बस, हमीरपुर पहुंचे चाची-भतीजे के शव और मचा कोहराम

चश्मदीद सुनील ने बताया कि वह करीब साढ़े चार घंटे तक घटनास्थल पर ही रहे और उनकी आंखों के सामने बस जलती रही, जबकि अंदर फंसे लोग मदद के लिए चीख रहे थे. काफी देर बाद दमकल की गाड़ियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया. इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर मयंक गुप्ता और उनकी चाची सरोज गुप्ता के शव जब शुक्रवार को राठ स्थित उनके घर पहुंचे, तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और हर आंख नम हो गई. वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले देवेंद्र भारद्वाज के पैर में रॉड होने के कारण वे समय पर बाहर नहीं निकल सके, जिनका शव उनके बेटे द्वारा घर ले जाया गया.

📋 3. प्रशासन ने की यात्रियों के घर लौटने की व्यवस्था, जांच में सामने आया कि बस के हो चुके थे 64 चालान

घटना के बाद जेवर एसडीएम समेत प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित बचे करीब 25 यात्रियों को टोल प्लाजा के पास स्थित ढाबे पर ले जाकर चाय-नाश्ते की व्यवस्था की तथा उन्हें सुरक्षित घर भेजने के लिए किराए के पैसे भी दिए. दूसरी ओर, इस दर्दनाक हादसे के बाद बस की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. जांच में सामने आया है कि इस दुर्घटनाग्रस्त बस के खिलाफ पहले से ही 64 चालान कट चुके थे और उस पर भारी जुर्माना भी बकाया था, जिससे परिवहन विभाग और बस संचालन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.







 

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