दिल्ली सरकार राजधानी में सौर ऊर्जा को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने स्पष्ट...
दिल्ली सरकार राजधानी में सौर ऊर्जा को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य उद्देश्य केवल बिजली का बिल कम करना नहीं, बल्कि दिल्ली के हर घर को बिजली का उपभोक्ता बनाने के साथ-साथ एक 'उत्पादक' (Prosumer) के रूप में बदलना है। वर्तमान में दिल्ली में लगभग 10,700 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे हैं जिनसे 228 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है, जिसे अब बढ़ाकर 500 मेगावाट तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
💸 2. बिजली सब्सिडी रहेगी जारी, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से मिलेगा दोहरा फायदा
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में मौजूदा बिजली सब्सिडी पूरी तरह से जारी रहेगी, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को पहले की तरह राहत मिलती रहेगी। इसके साथ ही, रूफटॉप सोलर लगाने पर अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी मिलेगा। दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार, आवासीय उपभोक्ताओं को राज्य की ओर से सोलर कैपिटल सब्सिडी और जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) का लाभ मिलता है। साथ ही, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से ₹78,000 तक की कुल सब्सिडी दी जाती है।
⚡ 3. अतिरिक्त बिजली बेचने का मौका और GBI का प्रावधान, उपभोक्ताओं की घटेगी लागत
दिल्ली की सोलर नीति के तहत 3 किलोवाट तक के आवासीय सिस्टम पर ₹3 प्रति यूनिट और 3 से 10 किलोवाट तक के सिस्टम पर ₹2 प्रति यूनिट का मासिक जीबीआई (GBI) दिया जाता है। उपभोक्ता अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर न सिर्फ अपनी जरूरत की बिजली पूरी करेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर अपनी लागत भी कम कर सकेंगे। सरकार 500 वर्गमीटर या उससे बड़े सरकारी भवनों पर भी सोलर सिस्टम लगवाने पर जोर दे रही है ताकि हरित ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा मिल सके।

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