दिल्ली हाई कोर्ट ने DUSU (दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ) चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को बड़ा झटका देते हुए चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी तरह...
दिल्ली हाई कोर्ट ने DUSU (दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ) चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को बड़ा झटका देते हुए चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी तरह के विजयी जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल सार्वजनिक सड़कों पर ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी कैंपस और हॉस्टल्स के अंदर भी सख्ती से लागू होगी. कोर्ट ने इस आदेश के पालन की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी है और चेतावनी दी है कि इसका उल्लंघन करने पर इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा, जिस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
⚖️ 2. चुनाव में वाहनों के काफिले और हथियारों के प्रदर्शन पर कोर्ट की कड़ी फटकार, 140 उम्मीदवारों को जारी किया नोटिस
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने चुनाव प्रचार के दौरान लग्जरी गाड़ियों के बड़े काफिलों, बोनट पर खड़े होने और हथियारों के प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर गहरी नाराजगी जताई. कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि राजधानी में यह सब क्या चल रहा है और इस तरह का खौफनाक माहौल बनाने वालों पर क्या कदम उठाए गए हैं? इस मामले में अदालत ने सभी छात्र संगठनों और DUSU चुनाव मैदान में उतरे सभी 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर नियमों के उल्लंघन पर सामूहिक चुनावी जुर्माना लगाने को लेकर जवाब तलब किया है.
👮 3. एनएसयूआई और एबीवीपी के वकीलों ने दिया आदेश का पालन का भरोसा, लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश
सुनवाई के दौरान एनएसयूआई के वकील ऋषव रंजन और एबीवीपी के वरिष्ठ वकील अपूर्व कुरुप ने अदालत के निर्देशों का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह का विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा. कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस और एमसीडी (MCD) को यह भी निर्देश दिया है कि वे लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का सख्ती से पालन करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचे तथा नियमों की अवहेलना करने वालों पर तुरंत प्रशासनिक व आपराधिक कार्रवाई की जाए.

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