बिहार में भीषण बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जैसे-जैसे जलस्तर नीचे आ रहा है, तबाही की असली और भीषण तस्वीर सामने आने लगी है...
बिहार में भीषण बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जैसे-जैसे जलस्तर नीचे आ रहा है, तबाही की असली और भीषण तस्वीर सामने आने लगी है. खेतों से लेकर घरों तक और सड़कों से लेकर पुल-पुलियों तक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों के 575 ग्राम पंचायतें और 88 प्रखंड बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे करीब 49.74 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और शुरुआती नुकसान का आकलन ₹10 हजार करोड़ तक पहुंच गया है.
🛣️ 2. 700 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें पानी में डूबीं और संपर्क बाधित, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया था जायजा
बाढ़ के कारण ग्रामीण संपर्क व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. रिपोर्टों के अनुसार, करीब 700 ग्रामीण सड़कें डूब गई हैं और 100 से अधिक सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था. पानी उतरने के बाद अब सड़कों और पुल-पुलियों के पुनर्निर्माण की सबसे बड़ी चुनौती सामने खड़ी है.
💰 3. 8.27 लाख परिवारों के खातों में डीबीटी के जरिए भेजे गए ₹7-7 हजार, मकानों के सर्वे और पुनर्वास की तैयारी तेज
प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए राज्य सरकार ने डीबीटी के माध्यम से 8,27,472 सत्यापित परिवारों के बैंक खातों में प्रति परिवार ₹7,000 की दर से कुल ₹579.23 करोड़ की राशि ट्रांसफर की है. इसके साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों का डिजिटल फोटोग्राफी के जरिए सर्वे कराया जा रहा है ताकि पात्र लोगों को गृह क्षति अनुदान मिल सके. अब प्रशासन और जनता के सामने बची हुई जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने और पुनर्वास की लंबी लड़ाई शुरू हो गई है.

कोई टिप्पणी नहीं