यमुना सिटी को भविष्य के एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। यहां पांच डेडिकेटेड औद्योगिक पार्क...
यमुना सिटी को भविष्य के एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। यहां पांच डेडिकेटेड औद्योगिक पार्क और सामान्य इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। शहर में अब तक कुल 95 इकाइयां बनकर तैयार हो चुकी हैं, जिनमें से 59 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अनुसार, सेक्टर-28, 29, 30, 32 और 33 को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां कुल 3189 भूखंड आवंटित हो चुके हैं।
🩺 2. मेडिकल डिवाइस, अपेरल और टॉय पार्क का हो रहा विकास, यीडा का इस साल के अंत तक 200 यूनिट शुरू कराने का लक्ष्य
इन औद्योगिक सेक्टरों में प्राधिकरण ने मेडिकल डिवाइस, हैंडीक्राफ्ट, अपेरल, टॉय और एमएसएमई जैसे विशेष डेडिकेटेड पार्क शुरू किए हैं। इन पार्कों में करीब 1121 प्लॉट आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में शहरभर में लगभग 400 इकाइयों का निर्माण कार्य चल रहा है। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक, इस साल के अंत तक 200 से अधिक इकाइयों में उत्पादन शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है, और निर्माण कार्य न करने वाले आवंटियों के भूखंड रद्द भी किए जा रहे हैं।
🏢 3. सेक्टर-18 में जल्द आएंगी तीन नई ग्रुप हाउसिंग योजनाएं, गौड़ ग्रुप ने बैंक नीलामी में खरीदे 700 करोड़ के भूखंड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रियल एस्टेट की गतिविधियों में तेजी आई है। इसी कड़ी में गौड़ ग्रुप ने बैंक की नीलामी के जरिए सेक्टर-18 में लगभग 700 करोड़ रुपये में तीन बड़े भूखंड खरीदे हैं। ये तीनों भूखंड (24 एकड़, 8 एकड़ और 2.5 एकड़) पहले जेपी ग्रुप के थे। ग्रुप के चेयरमैन मनोज गौड़ ने पुष्टि की है कि इन जमीनों पर जल्द ही नई ग्रुप हाउसिंग योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे यहां किफायती दरों पर घर उपलब्ध हो सकेंगे।

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