नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और मनसुख मांडविया को भारतीय रेलवे के अत्याधुनिक एवं हाईटेक ‘वॉर रूम’...
नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और मनसुख मांडविया को भारतीय रेलवे के अत्याधुनिक एवं हाईटेक ‘वॉर रूम’ (War Room) का कामकाज दिखाया। इस विशेष वॉर रूम से देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेन ऑपरेशन्स पर रियल-टाइम (24x7) लाइव नजर रखी जाती है।
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वे दोनों केंद्रीय मंत्रियों को वॉर रूम की कार्यप्रणाली और एआई क्षमताओं के बारे में समझाते नजर आ रहे हैं।
इस हाईटेक कंट्रोल रूम से नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन समेत देश के तमाम बड़े स्टेशनों के प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज (FOB) और स्टेशन परिसर के बाहर तक की लाइव तस्वीरें देखी जा सकती हैं। यदि किसी स्थान पर कोई असामान्य हलचल या गड़बड़ी दिखाई देती है, तो अधिकारी कैमरों को जूम करके वहां की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण कर सकते हैं। इस पूरे तंत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी घटना का त्वरित विश्लेषण कर सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
🚉 त्योहारों पर भीड़ नियंत्रण से लेकर ट्रेनों की लेट-लतीफी पर नजर: ऐसे काम करता है रेलवे का 'वॉर रूम'
रेलवे वॉर रूम से देश के रेल नेटवर्क को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कई अहम काम किए जाते हैं:
भीड़ प्रबंधन: त्योहारों, प्रमुख पर्वों, कुंभ या किसी बड़े सामाजिक आयोजन के दौरान यात्रियों की आवाजाही और भीड़ पर रियल-टाइम नजर रखी जाती है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
ट्रेनों का लाइव मूवमेंट: वॉर रूम से देशभर में दौड़ रही ट्रेनों के लाइव मूवमेंट और उनकी देरी की पल-पल निगरानी होती है।
देरी का सटीक कारण: कौन सी ट्रेन किस स्टेशन पर लेट है और उसकी देरी की मुख्य वजह (सिग्नल, मौसम या तकनीकी खराबी) क्या है, इसकी सटीक जानकारी सिस्टम तुरंत उपलब्ध कराता है।
त्वरित निर्णय: डेटा विश्लेषण के आधार पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तुरंत निर्देश देकर स्थिति को संभालने और ट्रेनों की देरी को न्यूनतम करने के लिए कड़े कदम उठाते हैं।
🤖 AI और लाइव फीड से ट्रेनों की गति पर नियंत्रण: रेलवे टीम करती है त्वरित आकलन
यह अत्याधुनिक AI आधारित सिस्टम लगातार सभी रूटों की ट्रेनों पर नजर रखता है और किसी भी संभावित रुकावट या देरी का पूर्व आकलन कर लेता है:
"सिस्टम से प्राप्त सटीक डेटा और एनालिटिक्स के आधार पर रेलवे की तकनीकी व ऑपरेशन्स टीम तुरंत धरातलीय स्थिति का आकलन करती है। इससे आगे होने वाली देरी को रोकने और वैकल्पिक रूट या संसाधन उपलब्ध कराने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।"
👨💼 केंद्रीय मंत्रियों ने खुद देखा लाइव डेमो: रिजिजू और मांडविया ने समझा रेलवे ऑपरेशन्स का पूरा ढांचा
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और मनसुख मांडविया ने रेलवे ‘वॉर रूम’ में मौजूद रहकर रेलवे ऑपरेशन्स और सेफ्टी मॉनिटरिंग की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया:
लाइव स्टेशन फीड: दोनों मंत्रियों ने देश के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों की लाइव सीसीटीवी फीड का जायजा लिया।
गाइडलाइन्स आधारित एनालिसिस: मंत्रियों ने देखा कि कैसे तय मानकों और AI दिशानिर्देशों के तहत डेटा का विश्लेषण किया जाता है।
डेटा संचालित फैसले: ट्रेन ऑपरेशन्स से जुड़े लाइव डेटा का इस्तेमाल करके रेलवे किस प्रकार अपने यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित कर रहा है, इसकी मंत्रियों ने सराहना की।

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