राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के क्षेत्रों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से लगभ...
राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के क्षेत्रों में प्याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से लगभग 453.65 टन प्याज लेकर पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुक्रवार को दिल्ली पहुँच गई है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, 21 वैगनों में लदा यह प्याज दिल्ली-NCR में 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, बफर स्टॉक के इस हिस्से को चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों में भी भेजा जाएगा। वर्तमान में केंद्र सरकार के पास 'प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड' के तहत लगभग 1.21 लाख टन प्याज का मजबूत बफर स्टॉक सुरक्षित है।
📉 एक हफ्ते के भीतर खुदरा कीमतों में गिरावट की उम्मीद: चेन्नई और गुवाहाटी के लिए भी चलेंगी ट्रेनें
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में गुरुवार को प्याज की खुदरा कीमतें बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थीं, जबकि पिछले साल यह भाव 33 रुपये प्रति किलो था। हालांकि, सरकार के इस त्वरित कदम से आने वाले एक सप्ताह के भीतर खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय कमी आने की पूरी उम्मीद है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शुक्रवार को चेन्नई के लिए ट्रेन लोड की जाएगी, जिसके बाद मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी के लिए भी लगातार विशेष ट्रेनें भेजी जाएंगी। वर्ष 2025-26 के दौरान देश में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख टन रहने की उम्मीद है, जिससे घरेलू बाजार में उपलब्धता बनी रहेगी।
🚆 'कांदा एक्सप्रेस' पहल का विस्तार: 14 रैक से बढ़कर 86 रैक तक पहुँचा प्याज परिवहन
प्याज की बड़े पैमाने पर ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षमता को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वर्ष 2024-25 में शुरू की गई ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल को इस वर्ष काफी व्यापक स्तर पर बढ़ाया गया है। शुरुआत में 2024-25 के दौरान लगभग 12,000 टन प्याज के साथ केवल 14 रेलवे रैक पांच प्रमुख शहरों में भेजे गए थे। वहीं, 2025-26 में इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ाकर 86 रैक तक कर दिया गया, जिनके माध्यम से देश भर के 16 बड़े शहरों में लगभग 88,000 टन प्याज की सफल आपूर्ति की जा चुकी है।

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