लखनऊ: उत्तर प्रदेश मूक बधिर मानवाधिकार आंदोलन के बैनर तले राज्य की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने बड़ी संख्या में मूक-बधिर समाज के लोगो...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश मूक बधिर मानवाधिकार आंदोलन के बैनर तले राज्य की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने बड़ी संख्या में मूक-बधिर समाज के लोगों ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम प्रार्थना पत्र सौंपकर इंसाफ और न्याय की गुहार लगाई।
🏫 सांकेतिक भाषा स्कूलों को अपग्रेड करने की मांग: आईटीआई केंद्रों में विशेष प्रावधान का रखा प्रस्ताव
मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
स्कूलों का अपग्रेडेशन: प्रदेश में संचालित हो रहे सांकेतिक भाषा (Sign Language) स्कूलों को अपग्रेड करने और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की गई, साथ ही इनके संचालन को निजी एनजीओ को सौंपने का सुझाव दिया गया।
निःशुल्क बस सेवा: मंडल स्तर पर सभी दिव्यांग जनों को उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाए।
तकनीकी शिक्षा: प्रदेश के सभी आईटीआई (ITI) तकनीकी केंद्रों में दिव्यांगों और मूक-बधिरों के लिए विशेष प्रावधान व सीटें आरक्षित की जाएं।
🗣️ 'आश्वासन मिला पर समाधान नहीं': पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा
सांकेतिक भाषा में प्रदर्शनकारियों की बात:
"विधानसभा के सामने पहुंचे मूक-बधिर लोगों ने सांकेतिक भाषा में अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में मांगों को पूरा करने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उनसे मिलकर इस समस्या का हल निकालें। मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन धरना स्थल भेज दिया।"
🎒 ठाकुरगंज में सर्वोदय गर्ल्स स्कूल की छात्राओं का प्रदर्शन: बालागंज चौराहे पर लगाया जाम, एंबुलेंस को दिया रास्ता
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय गर्ल्स स्कूल की छात्राओं का आंदोलन:
शिक्षकों की कमी: लखनऊ के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय गर्ल्स स्कूल की छात्राएं अध्यापकों की भारी कमी और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर दुबग्गा बाईपास से विधानसभा की ओर बढ़ीं।
सड़क जाम: छात्राओं ने ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालागंज चौराहे पर आकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मानवता की मिसाल: प्रदर्शन के दौरान जब जाम में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस फंस गई, तो छात्राओं ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत उसे निकलने का रास्ता दिया।
प्रशासनिक हस्तक्षेप: मौके पर पहुंचे एसीपी काकोरी शकील अहमद ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

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