झारखंड में आयोजित प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और धांधली के आरोपों के बाद पारदर्शी व्यवस्था और बड़े बदलावों की मांग तेज हो ...
झारखंड में आयोजित प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और धांधली के आरोपों के बाद पारदर्शी व्यवस्था और बड़े बदलावों की मांग तेज हो गई है। इन्हीं मांगों को लेकर जेएलकेएम (JLKM) नेता देवेंद्र महतो पिछले 11 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज रांची के सदर अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, उन्होंने रांची के सिविल सर्जन को एक पत्र लिखकर ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित विरोध स्थल पर वापस लौटने की अनुमति मांगी है।
सिविल सर्जन को लिखे पत्र में देवेंद्र महतो ने कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हजारों छात्र इस निर्णायक लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
"आज मैंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर विरोध-स्थल, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाने की अनुमति मांगी है। मेरा शरीर हॉस्पिटल के बेड पर इलाज करा रहा है, लेकिन मेरी आत्मा उस सत्याग्रह स्थल पर है, जहां छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए एक न्यायपूर्ण संघर्ष में लगे हुए हैं।"
उल्लेखनीय है कि झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच को लेकर छात्र पिछले 19 दिनों से लगातार आंदोलनरत हैं।
⚠️ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की हेमंत सरकार को चेतावनी: 1 हफ्ते में CBI जांच न होने पर बैठेंगे भूख हड़ताल पर
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने भी बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन का समर्थन किया:
हेमंत सरकार को अल्टीमेटम: पूर्व सीएम ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की CBI जांच की सिफारिश करने के लिए 1 सप्ताह की समय-सीमा दी है।
खुद अनशन करने की घोषणा: छात्रों को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा, "अगर राज्य सरकार तय समय-सीमा (एक हफ्ते) के भीतर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने में नाकाम रहती है, तो मुझे स्वयं इस मंच पर छात्रों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"
सियासत गरमाई: पूर्व मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद झारखंड की राजनीति में गर्माहट आ गई है और सरकार पर सीबीआई जांच का दबाव और बढ़ गया है।

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