गुरुग्राम: गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ शहर में सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम द...
गुरुग्राम: गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने अवैध निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ शहर में सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया। इस विशेष अभियान के तहत निगम की टीमों ने बुलडोजर (JCB) की मदद से शहरभर में 31 अवैध इमारतों और अनधिकृत ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के आदेश पर शहर के सभी आठों जोन में एक साथ यह विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया। इसके साथ ही सार्वजनिक रास्तों, मुख्य सड़कों और गलियों से अवैध कब्जे हटवाकर उन्हें पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया। नगर निगम द्वारा शुरू किया गया यह गहन अभियान पूरे अगस्त माह के दौरान नियमित रूप से जारी रहेगा।
🛡️ अतिक्रमण के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति: भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जीएमडीए ने कराया 8 किमी मार्ग खाली
कार्रवाई को सुचारू और निर्बाध रूप से चलाने के लिए निगम आयुक्त ने सभी जोनों में संयुक्त आयुक्तों के नेतृत्व में अलग-अलग प्रवर्तन टीमों का गठन किया है:
पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था: सोमवार सुबह पर्याप्त संख्या में जेसीबी और भारी मशीनरी लेकर टीमें अपने-अपने चिन्हित क्षेत्रों में पहुंचीं। किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक टीम के साथ भारी पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
जीरो टॉलरेंस का संदेश: नगर निगम मानेसर के संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निगम क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
8 किलोमीटर लंबी सड़कें खाली: भारी विरोध के बीच जीएमडीए (GMDA) के डीटीपी आर.एस. बाठ के नेतृत्व में मुख्य सड़कों पर बुलडोजर चला। दुकानदारों द्वारा सड़क की करीब 6 से 10 फीट जमीन पर किए गए कब्जों को हटाकर लगभग 8 किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
🏚️ डीपीजी कॉलोनी और अशोक विहार समेत इन इलाकों में गर्जा बुलडोजर: जानिए किस जोन में कितनी हुई तोड़फोड़
नगर निगम की टीमों ने पहले दिन शहर के विभिन्न प्रमुख, घने और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया। इनमें डीपीजी कॉलोनी सेक्टर-34, रेयान एंक्लेव भोंडसी, अशोक विहार-2, कृष्णा कॉलोनी, सेक्टर-69, भीमगढ़ खेड़ी और आयुध डिपो (Ammunition Depot) के प्रतिबंधित दायरे में आने वाले अवैध निर्माण प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जोनवार ध्वस्तीकरण का विवरण:
जोन 1: 01 अवैध निर्माण
जोन 2: 04 अवैध निर्माण
जोन 3: 04 अवैध निर्माण
जोन 4: 03 अवैध निर्माण
जोन 5: 05 अवैध निर्माण
जोन 6: 05 अवैध निर्माण
जोन 7: 09 अवैध निर्माण
🛣️ आवाजाही सुगम बनाने के लिए सड़कें कराईं कब्जा मुक्त: भू-माफियाओं में मचा हड़कंप
अवैध इमारतों को ढहाने के साथ-साथ निगम की टीमों ने सड़कों और आम रास्तों पर किए गए अवैध कब्जों, पक्के रैंपों और अस्थायी ढांचों पर भी कड़ी कार्रवाई की। निगम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की आवाजाही को सुगम बनाना, दैनिक यातायात बाधाओं (Traffic Jams) को दूर करना और शहर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है।
कार्रवाई शुरू होते ही अवैध निर्माण कराने वालों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। इमारतों को तोड़े जाने से बचाने के लिए कई लोग स्थानीय नेताओं व जन प्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के कारण किसी भी स्तर पर कोई ढील या सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
🏬 मानेसर में सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर: 100 से अधिक अवैध खोखे और चाय की दुकानें ध्वस्त
मानेसर नगर निगम की प्रवर्तन शाखा ने जीएमडीए की मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जों के खिलाफ सोमवार को व्यापक कार्रवाई की:
ग्रीन बेल्ट कराई खाली: भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने रामपुरा गांव से हयातपुर रोड तथा द्वारका एक्सप्रेस-वे से गांव कांकरौला तक के मार्ग पर अभियान चलाकर 100 से अधिक अवैध खोखे, चाय की दुकानें और अन्य अस्थायी स्ट्रक्चरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
ट्रैफिक समस्या का समाधान: सड़क किनारे और ग्रीन बेल्ट की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे जमाकर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा था। अधिकारियों ने दोबारा कब्जा करने पर एफआईआर दर्ज कराने की सख्त चेतावनी दी है।
निगम आयुक्त का वक्तव्य: "सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत यह अभियान पूरे महीने लगातार चलेगा। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी अवैध निर्माण को किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण न मिले और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें।"

कोई टिप्पणी नहीं