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UP River Pollution News: यूपी की सबसे जहरीली नदी बनी हिंडन, ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा में ऑक्सीजन शून्य के करीब; बीमारियों का खतरा

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश की नदियों में ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा के पास बहने वाली हिंडन नदी का पानी 'जहरीला' यानी सबसे अधिक प्रदूष...


ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश की नदियों में ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा के पास बहने वाली हिंडन नदी का पानी 'जहरीला' यानी सबसे अधिक प्रदूषित पाया गया है। यहां नदी के पानी में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा न के बराबर बची है।

हालत यह है कि पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (Coliform Bacteria) का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ा हुआ है। नदी का पानी इस कदर दूषित हो चुका है कि केवल इसके संपर्क में आने भर से त्वचा रोग का गंभीर खतरा मंडरा रहा है और आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग बड़े पैमाने पर इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं।

🚨 यूपी की 4 नदियां सबसे ज्यादा प्रदूषित: हिंडन नदी को सभी स्थानों पर मिला 'ई श्रेणी' का दर्जा

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के आंकड़ों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

  • चार सबसे प्रदूषित नदियां: राज्य की चार प्रमुख नदियां— हिंडन, काली नदी, गोमती और वरुणा प्रदूषण के मामले में सबसे खराब स्थिति में हैं। इन सभी को किसी न किसी स्थान पर 'ई श्रेणी' (अत्यधिक दूषित) में रखा गया है।

  • हिंडन की स्थिति सबसे खराब: जहां अन्य तीन नदियां केवल कुछ खास स्थानों पर 'ई श्रेणी' में हैं, वहीं हिंडन नदी अपने पूरे प्रवाह मार्ग में हर जगह 'ई श्रेणी' में दर्ज की गई है।

  • बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD): यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा के पास हिंडन में बीओडी 82 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी को दर्शाता है।

🧪 बैक्टीरिया का रिकॉर्ड स्तर: 100 मिलीलीटर पानी में 92 लाख कोलीफॉर्म, काली नदी दूसरे स्थान पर

पानी में खतरनाक जीवाणुओं की मौजूदगी ने स्वास्थ्य और पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है:

  • बैक्टीरिया का स्तर: कुलेसरा के पास हिंडन के पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया 92 लाख प्रति 100 मिलीलीटर पाए गए, जबकि फिकल कोलीफॉर्म की मात्रा 35 लाख दर्ज की गई। यह संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में किसी भी नदी की तुलना में सबसे अधिक है।

  • काली नदी दूसरे नंबर पर: हिंडन के बाद पश्चिमी यूपी की काली नदी सबसे प्रदूषित है। बुलंदशहर में काली नदी का बीओडी 52 मिलीग्राम प्रति लीटर और टोटल कोलीफॉर्म 39 लाख प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया है। इसके बाद गोमती और वरुणा नदियां आती हैं।

🐟 जलीय जीवों का अस्तित्व खत्म: ग्रेटर नोएडा से रोजाना पहुंच रहा 22 एमएलडी गंदा पानी

हिंडन नदी में बढ़ते प्रदूषण के पीछे नालों का अनियोजित पानी एक मुख्य कारण है:

  • दम घुटने से मर रहे जीव: पानी में अत्यधिक बीओडी का मतलब है कि उसमें ऑक्सीजन न के बराबर है। इस वजह से नदी के अंदर जलीय जीवों का जीवित रहना असंभव हो गया है।

  • सीवरेज की मार: अकेले ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 22 एमएलडी (MLD) गंदा व अनुपचारित पानी हिंडन नदी में बहाया जा रहा है।

  • प्रशासन का पक्ष: ग्रेटर नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि हिंडन के पानी की नियमित जांच की जाती है। नदी में गंदे पानी के सीधे बहाव को रोकने के लिए अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं।

🩺 आसपास की आबादी में 30 फीसदी लोग त्वचा रोग से पीड़ित: स्वास्थ्य शिविरों की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

दूषित पानी के प्रभाव से आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य संकट गहराने लगा है:

  • ओपीडी के आंकड़े: कुलेसरा स्थित आरोग्य मंदिर की ओपीडी में हर महीने 400 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें से करीब 100 मरीज (25%) सीधे तौर पर त्वचा संक्रमण से ग्रस्त होते हैं।

  • स्वास्थ्य जांच में खुलासा: स्वास्थ्य विभाग द्वारा हिंडन के किनारे बसी कॉलोनियों में मानसून के दौरान लगाए गए विशेष शिविरों में जांच किए गए लोगों में से 30 प्रतिशत मरीज त्वचा रोग से पीड़ित पाए गए।

  • हजारों लोग प्रभावित: पूर्व वर्षों में लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविरों में 2500 से अधिक लोगों की जांच की गई थी, जिनमें से 800 से अधिक लोग त्वचा संक्रमण के गंभीर शिकार पाए गए थे।







 

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