नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के लॉ फैकल्टी में एक प्रोफेसर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना की संवेदन...
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के लॉ फैकल्टी में एक प्रोफेसर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीयू प्रशासन ने आरोपी छात्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
डीयू प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार, यह घटना सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे उमंग भवन के पास हुई। घटना का सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र के पूरे यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
🆔 आरोपी छात्र की पहचान शुभम सिंह के रूप में हुई: थार गाड़ी ले जाने को लेकर सुरक्षा गार्ड और प्रोफेसर से हुआ विवाद
घटनाक्रम और आरोपी का विवरण:
छात्र की पहचान: डीयू द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, आरोपी छात्र की पहचान शुभम सिंह के रूप में हुई है, जो लॉ फैकल्टी में पीएचडी (PhD) का छात्र है। उसने सत्र 2024-25 के दूसरे चरण में दाखिला लिया था।
विवाद की वजह: सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, आरोपी छात्र अपनी थार (Thar) गाड़ी को उमंग भवन गेट के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था।
प्रोफेसर पर हमला: सुरक्षा गार्ड द्वारा रोके जाने पर छात्र ने हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे प्रोफेसर ने जब बीच-बचाव किया, तो आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे प्रोफेसर जमीन पर गिर गए और उनके हाथ में चोटें आईं।
❓ पुराने इंटरव्यू से जुड़ी हो सकती है रंजिश: 2 साल पहले धर्मनिरपेक्षता के सवाल पर दाखिला न मिलने का अंदेशा
हमले के पीछे के संभावित कारण:
"पीड़ित प्रोफेसर का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि छात्र ने उन पर हमला क्यों किया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार आरोपी छात्र दो साल पहले पीएचडी इंटरव्यू के लिए आया था, जहां प्रोफेसर द्वारा धर्मनिरपेक्षता पर पूछे गए सवाल का जवाब न दे पाने के कारण उसे दाखिला नहीं मिला था। आशंका जताई जा रही है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी छात्र ने 29 जुलाई को भी परिसर में हंगामा किया था।"
📹 सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई निलंबन की कार्रवाई: मामले की जांच के लिए गठित हुई 3 सदस्यीय समिति
यूनिवर्सिटी की सख्त कार्रवाई:
तत्काल आदेश: प्रॉक्टर कार्यालय ने सीसीटीवी फुटेज की पुष्टि के बाद 17 अगस्त को आदेश जारी कर छात्र को सस्पेंड कर दिया।
जांच समिति का गठन: डीयू प्रशासन ने पूरे मामले की गहराई से निष्पक्ष जांच करने के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति (3-Member Committee) का गठन कर दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं