दिल्ली-एनसीआर में सड़क हादसों को रोकने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के नए ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2041 में कई बड़े और कड़े प्रावधान शामिल किए ग...
दिल्ली-एनसीआर में सड़क हादसों को रोकने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के नए ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2041 में कई बड़े और कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। स्वीडन की तर्ज पर यहां भी वाहनों की गति सीमा घटाकर तीस किलोमीटर प्रति घंटा की जा सकती है, वहीं कई विदेशी शहरों की तर्ज पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर वाहन चालकों की आय के हिसाब से जुर्माना वसूलने का प्रस्ताव रखा गया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड जल्द ही इस नए मास्टर प्लान को धरातल पर लागू करने जा रहा है।
📉 2. स्पीड गवर्नर और गति सीमा तय करने पर जोर, तेज रफ्तार बन रही है मौत की वजह
ड्राफ्ट मास्टर प्लान में सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कम शहरी गति सीमा, पैदल यात्रियों के लिए विशेष क्षेत्र और अलग व्यवस्थाओं का सुझाव दिया गया है। राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में से 44.3 प्रतिशत मौतें केवल अत्यधिक तेज रफ्तार के कारण होती हैं, जिसे रोकने के लिए इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों के अनुसार गति सीमा का सख्ती से पालन कराने और सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य करने की बात कही गई है।
👶 3. बच्चों की सुरक्षा और तकनीक के जरिए जीपीएस से कसेगा शिकंजा
ड्राफ्ट में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई गई है। एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया गया है कि 58 प्रतिशत अभिभावक सड़क सुरक्षा को बच्चों के लिए सबसे बड़ा जोखिम मानते हैं, जबकि करीब 70 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पैदल ही जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सभी सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों में जीपीएस और स्पीड गवर्नर अनिवार्य करने, बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस रद्द करने तथा एक्सीडेंट रिकॉर्ड को वाहन बीमा प्रीमियम से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।
💶 4. फिनलैंड और स्वीडन की तर्ज पर आय के हिसाब से जुर्माना लगाने पर विचार
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने को लेकर फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है, जहां जुर्माना व्यक्ति की शुद्ध आय के आधार पर तय होता है। हालांकि, ड्राफ्ट में अभी एनसीआर के लिए कोई निश्चित आय-आधारित दर या फार्मूला तय नहीं किया गया है, लेकिन विदेशी उदाहरणों के आधार पर ऐसी व्यवस्थाओं को भविष्य में अपनाने की संभावनाओं पर विचार जरूर किया जा रहा है।

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