नई दिल्ली: दिल्ली के नरेला इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो नाबालिग बच्चों क...
नई दिल्ली: दिल्ली के नरेला इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार को 100 फुटा रोड स्थित डीडीए फ्लैट्स (DDA Flats) के पास घटित हुआ।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों मासूम बच्चे बारिश के पानी से भरे गड्ढे में खेलने और तैरने के लिए उतरे थे। इसी दौरान वे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और गहरे पानी में समा गए।
🏥 पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया: डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को घोषित किया मृत
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गुरुवार को 100 फुटा रोड पर दो बच्चों के पानी से भरे गड्ढे में डूबने की पीसीआर कॉल (PCR Call) मिली थी:
तत्काल कार्रवाई: सूचना मिलते ही नरेला थाना पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और गोताखोरों व स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला।
अस्पताल में घोषणा: पुलिस टीम दोनों बच्चों को तुरंत इलाज के लिए नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल (SRHC Hospital) ले गई, जहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
👦 बवाना के रहने वाले थे दोनों मासूम: खेलने के दौरान हुआ हादसा
मृतक बच्चों की उम्र 9 वर्ष और 11 वर्ष बताई गई है। दोनों बच्चे बाहरी दिल्ली के बवाना इलाके के निवासी थे:
हादसे की वजह: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चे खेलते-खेलते डीडीए फ्लैट्स के पास पहुंचे और जलभराव वाले गड्ढे में उतर गए।
पुलिस जांच जारी: पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
⚠️ मानसून में दिल्ली पुलिस की अपील: खुले गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों से बच्चों को रखें दूर
नरेला की इस दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मानसून और बारिश के सीजन में अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:
अभिभावकों को सलाह: पुलिस ने माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों पर सतर्कता से नजर रखें और उन्हें खुले गड्ढों, नालों, तालाबों व जलभराव वाले स्थानों के आसपास न जाने दें।
छिपे हुए खतरे: बारिश के बाद खुले गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी वास्तविक गहराई और नीचे की मिट्टी के दलदल का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ये स्थान बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

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